राज्य प्रशासनिक सेवा के विवादास्पद अफसर आनंद मसीह को आखिरकार तीन साल बाद आईएएस अवार्ड कर दिया गया है। उनको 2018 बैच दिया गया है। वे 2024 में रिटायर होंगे। जाति संबंधी विवाद के कारण पिछले तीन साल से उनके नाम पर विचार नहीं हो रहा था। बता दें कि पिछले तीन साल से डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) हो रहा था, लेकिन नाम पर विचार नहीं होने के कारण तीन साल से लिफाफा बंद था। हालांकि, इसके लिए मसीह को कोर्ट की भी शरण लेनी पड़ी थी। छत्तीसगढ़ कोटे में आईएएस अवार्ड के लिए अब अलॉयड सर्विसेज से एक पद बचा है। इसके लिए अफसरों द्वारा लगातार आवेदन किए जा रहे हैं। हालांकि, वाणिज्य और उद्योग विभाग के दो अफसरों को इस पद के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इस पद के लिए 30 सितंबर तक आवेदन दिया जा सकता है। इससे पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 2 सितंबर थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया।
दूसरी तरफ, स्टेट सिविल सर्विसेज से आईएएस अवार्ड के लिए 7 पद हैं। राज्य सरकार की तरफ से राज्य प्रशासनिक सेवा के 21 अफसरों का नाम केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। इनमें राज्य सेवा के 2003, 2004 और 2005 बैच के अफसरों के नाम शामिल हैं। इसके लिए पद्मिनी भोई और उनके बैचमेट के नाम विचाराधीन हैं। हालांकि, इनके खिलाफ वर्षा डोंगरे और उनके पति ने कोर्ट में याचिका लगा रखी है। इस बैच के अफसरों के चयन को लेकर पहले से ही कई तरह के विवाद हैं। बैच के अफसरों की भर्ती में आरक्षण रोस्टर समेत कई अन्य नियमों के पालन नहीं किए जाने की शिकायत की गई है। यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है। उसके फैसले के बाद ही इन अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा। इस याचिका के चलते ही जीएडी, डीपीसी नहीं कर रहा है।
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