कोरोना संक्रमण की वजह से बीएससी कृषि व उद्यानिकी में दाखिले के तरीके में इस बार बदलाव किया गया है। इसके तहत एंट्रेस टेस्ट नहीं बल्कि बारहवीं में मिले नंबरों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके अनुसार ही सीटों का आबंटन होगा। इस नए तरीके का असर आवेदन पर भी पड़ा है। इस बार 17 हजार छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। जबकि पिछले बरसों में करीब 50 हजार छात्रों के आवेदन मिलते थे।
शिक्षाविदों का कहना है कि एंट्रेंस टेस्ट होने से उन छात्रों को भी प्रवेश की उम्मीद रहती थी जिन्हें बारहवीं में कम नंबर मिले। लेकिन इस बार एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इसलिए आवेदन में कमी आयी है। बीएससी कृषि व उद्यानिकी के लिए 21870 छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किया। लेकिन इसमें से करीब 17 हजार छात्रों ने आवेदन के साथ शुल्क भी जमा किया।
इसलिए 17 हजार छात्रों के आवेदन के अनुसार आगे की प्रक्रिया होगी। विवि के अफसरों का कहना है कि सोमवार से आवेदन के अनुसार दस्तावेजों की जांच शुरू हो जाएगी। फिर 21 सितंबर को मेरिट लिस्ट जारी होगी। इस पर दावा-आपत्ति मंगाई जाएगी। इसके बाद फिर काउंसिलिंग होगी। छात्रों को कॉलेज आने की जरूरत नहीं होगी। ऑनलाइन मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।
26 से शुरू होगी ऑनलाइन काउंसिलिंग
कृषि विवि के अफसरों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन के बाद बारहवीं के नंबरों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके अनुसार सीटों के आबंटन के लिए 26 सितंबर से पहले चरण की काउंसिलिंग शुरू हो जाएगी। यह काउंसिलिंग ऑनलाइन रहेगी। जिन्हें सीट आंबटित होगी उन्हें सूचना दी जाएगी।
2500 सीटें हैं कृषि और उद्यानिकी के लिए
इंदिरा गांधी कृषि विवि से जुड़े करीब 29 सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में बीएससी कृषि व उद्यानिकी की पढ़ाई हो रही है। इस साल 6 सरकारी कॉलेज और खुले हैं। इन कॉलेजों में 24-24 सीटों पर प्रवेश होगा। इसलिए अब सीटों की संख्या करीब ढ़ाई हजार हो गई है। शिक्षाविदों का कहना है कि सीटों की तुलना में आवेदन की संख्या इस बार भी ज्यादा है। लेकिन पिछले बरसों के मुकाबले आवेदन कम मिले हैं। छात्रों की पहली पसंद सरकारी कॉलेज रहते हैं। इसलिए बारहवीं में जिन्हें अच्छे नंबर मिले होंगे उन्हें सरकारी कॉलेज की सीटें मिलेगी।
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