Skip to main content

अचानक हड़ताल नहीं की, 15 वर्षों से कर रहे नियमितीकरण की मांग: संविदा कर्मी

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों काे रविवार को कलेक्टर ने 24 घंटे से भीतर काम पर लौटने के अल्टीमेटम दिया था। पर इसका संविदा कर्मचारियों पर कोई असल नहीं हुआ। कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटा। सोमवार को तीसर दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने रणजीता स्टेडियम में धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल के दौरान एनएचएम संघ द्वारा स्वास्थ्य मंत्री तक अपनी बात पहुंचाई गई। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा हम संविदा स्वास्थ्य कर्मी यूं ही अपनी जान जोखिम में डालकर मुट्ठी भर की तनख्वाह में अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डाल कर सेवा नहीं कर सकते। क्योंकि शासन के द्वारा ना ही हमे जोखिम भत्ता मिलता है, ना अनुकंपा नियुक्ति। इसी वेदना के साथ हड़ताल का निर्णय लिया गया और ऐसा अचानक से नहीं पिछले 15 वर्षों से नियमितीकरण की आशा और विगत 2 वर्षों से वर्तमान शासन के वादे के भरोसे के टूटने के बाद हुआ है। अब उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

हमारी छवि खराब की जा रही है
हड़ताल के दौरान संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि बीते 15 सालोें से स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृणीकरण में व्यापक और महती भूमिका अदा कर रहे हमारे संविदा स्वास्थ्यकर्मी इस महामारी काल में दृढ़ता के साथ पहले सर्विलेंस, फिर क्वारेंटाइन सेंटर ,फिर आइसोलेशन सेंटर, कोविड हॉस्पिटल, सैंपलिंग,आम आदमी से लेकर ऐसे कई विधायक ,मंत्री ,महापौर पार्षद पुलिस ,प्रशासन आदि नही बचा जहां पॉजिटिव आने पर उनके घर घर जाकर सैंपल न लिए हो। जब हमें उनके परिवार की चिंता है तो हमारे परिवार की चिंता शासन को क्यूं नहीं है। कोरोना काल में हमने कोई त्योहार नही मनाया, हमने पिछले 7 महीने में कोई इतवार नही देखी। हमारे अधिकतर साथी अपने परिवार के साथ पॉजिटिव हो चुके हैं। कई ऐसे साथी है जिनके घर मे कोविड डेथ तक हो चुकी है। इतना करने के बाद भी अब जब हमने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाया है तो हमारी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पिछले 10 दिन से हमारे साथी काली पट्टी लगा के विरोध करते हुए भी काम कर रहे थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Did not strike suddenly, demanding regularization for 15 years: contract workers


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3iSOjs6
via

Comments