छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के तत्वावधान में मुख्य वनसंरक्षक विश्राम गृह में होम हर्बल गार्डन के तहत औषधीय पौधे वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारी व कर्मचारियों को औषधीय पौधे बांटे गए। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में हर्बल गार्डन के लिए करीब 12 हजार औषधीय पौधे बांटे जाएंगे। छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य केन्द्र व परिवहन व्यवस्था का अभाव होने के कारण स्थानीय समुदाय पारम्परिक चिकित्सा पद्धति पर निर्भर है। प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार के लिए औषधीय पौधे अत्यंत लाभकारी हैं और इनका शरीर पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि आसानी से उपयोग के लिए सभी घरों में हर्बल गार्डन विकसित कर औषधीय पौधे लगाएं। हर्बल गार्डन में लगाए जाने वाले औषधीय पौधे की देख-रेख के लिए विषम परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता रखने वाले पौधों का ही चयन करें।
जिन पौधों को नमी की जरूरत है, उनकी मिट्टी की नमी बनाए रखना चाहिए। पाठक ने कहा कि सरगुजा क्षेत्र में पाए जाने वाला औषधीय पौधा तेजबल के संरक्षण व संवर्धन की जरूरत है। इस दौरान राज्य श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, राज्य स्तरीय बीस सूत्रीय क्रियान्वयन के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, महापौर डॉ. अजय तिर्की, मुख्य वन संरक्षक एबी मिंज, वनमंडलाधिकारी पंकज कमल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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