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11 साल में खंडहर हो गए प्रशासनिक अफसरों के 30 क्वार्टर, अभी भी तय नहीं किसे सौंपा जाएगा

सामान्य प्रशासन के निर्देश पर प्रशासनिक अफसरों के लिए शहर से 10 किलोमीटर दूर बनाए गए एमआईजी, एचआईजी टाइप के 30 क्वार्टर खंडहर हो चुके हैं। इन क्वार्टरों का आगे क्या होगा इस पर अफसर अभी भी गंभीर नहीं है। बिरकोना में बने क्वार्टरों के दरवाजे टूट चुके हैं। सड़क, नाली बनी नहीं है और दीवारों में भी दरार आ चुकी है लेकिन हाउसिंग बोर्ड के अफसर इस मामले में बात करने को तैयार नहीं है। वर्ष 2009 में यह क्वार्टर प्रशासनिक अफसरों के लिए बनाए गए थे। तब क्वार्टर की कमी की वजह से उन्हें इन क्वार्टरों के बन जाने के बाद आवंटित करना था। लेकिन सड़क,नाली और बाउंड्रीवॉल नहीं बनने के कारण यह काम पूरा नहीं हो पाया और अफसरों की लापरवाही से यह क्वार्टर खंडहर हो गए। वर्तमान में सड़क,नाली निर्माण के लिए चार करोड़ की राशि मंजूर होने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है।

कई भवन बर्बादी की कगार पर
1. जिले में कोटा एसडीएम दफ्तर अमने मोड़ पर तीन साल पहले बनाया गया है लेकिन आज तक एसडीएम दफ्तर यहां शिफ्ट नहीं हो पाया है।
2. कोटा-सकरी मोड़ पर बनाया गया कार्यालय पंचायतों के निगम में शामिल होने के बाद जोन कार्यालय को आवंटित हो चुका है। लेकिन दूरी अधिक होने की वजह से यह पहले की तरह बंद पड़ा है।

रिपोर्ट वित्त विभाग के पास भेज दी गई है : बिलासपुर सर्किल के एडिशनल कमिश्नर एमडी पनारिया ने बताया कि शासन से रिपोर्ट मंगाई गई थी। रिपोर्ट कलेक्टर बिलासपुर से आवास पर्यावरण विभाग रायपुर को भेजी गई थी, उसके बाद वहां से रिपोर्ट वित्त विभाग को भेज दी गई है। मकानों को अटल बिहारी यूनिवर्सिटी ने लेने की इच्छा जाहिर की है।



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30 quarters of administrative officers ruined in 11 years, still not decided who will be assigned


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