छत्तीसगढ़ एनएचएम के बैनर तले जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमतीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर गए संविदा कर्मचारियों के समर्थन में बुधवार को पूर्व मंत्री लता उसेंडी धरनास्थल पहुंचकर धरने में शामिल हुईं। उसेंडी ने कहा कि कांग्रेस कि चुनाव से पहले भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने संविदा कर्मचारियों से वादा किया था कि सरकार बनेगी तो हम 10 दिन में संविदा कर्मचारी को नियमित करेंगे लेकिन सरकार बने 2 साल होने को है। भूपेश बघेल वादा तो दूर अब संविदा कर्मचारी को धमका रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सभी 13500 संविदा कर्मचारियों को निकालने की धमकी दी जा रही है और आदेश भी सीएमएचओ को जारी कर दिया गया है कि काम पर नहीं लौटे तो हटा दिए जाएंगे।
उसेंडी ने कहा कि कोरोनाकाल में स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी जान परवाह करे बिना लगातार अपनी सेवा दे रहे हैं उसके बाद भी सरकार इनकी नहीं सोच रही है और इन्हें निकालने में जुटी हुई है। पीसीसी चीफ और विधायक मोहन मरकाम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की बर्खास्तगी की कार्रवाई को जायज ठहरा रहे हैं और कह रहे हैं कि उनकी नासमझी है जो कि गलत मानसिकता को दर्शाता है। जब बीजेपी की सरकार थी तो मितानिन, स्वास्थ्यकर्मी के धरनास्थल पर पहुंचकर मोहन मरकाम धरना में शामिल होकर कहते थे कि हमारी सरकार बनते ही सभी संविदा कर्मचारी को नियमित करेंगे। आज वही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के आदेश को जायज बता रहे हैं।
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