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Jharkhand daily news

जन्माष्टमी का त्योहार मंगलवार को जमशेदपुर में श्रद्धा के साथ मनाया गया। पर द्वापर युग में काल कोठरी में जन्म लेने वाले नटखट नंदलाल ने इस युग में पहली बार लॉकडाउन में जन्म लिया। इस अवसर पर शहर के मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। मंदिरों में रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक रोशनी की गई। फूलों और पत्तियों से भव्य सजावट की गई। हालांकि इस साल कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिरों में पिछले वर्षों की तरह झांकियां नहीं सजाई गईं।

मंदिरों में भक्तों का प्रवेश वर्जित होने के कारण पुजारियों ने सादगी के साथ जन्मोत्सव के आयोजन किए। परमहंस लक्ष्मीनाथ मंदिर में अखंड हरि कीर्तन परमहंस लक्ष्मीनाथ गोस्वामी मंदिर बिष्टुपुर में रात 10.30 बजे से पंडित राघव झा, श्यामकांत ठाकुर ने वैदिक मंत्रों से षोडशोपचार पूजन किया। जन्मोत्सव मध्य रात्रि 12.30 बजे मनाया गया। शहर के मंदिरों से लेकर घरों में श्रद्धालुओं को घर पर ही नंदगोपाल के स्वागत आयोजन किए गए। बुधवार को नंदोत्सव मनाया जाएगा।



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The dungeon in Dwapar era, Gopal born in lockdown for the first time in this era


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