किडनी राेग से पीड़ित नावाडीह बस्ती खरखरी निवासी 31 वर्षीय अशाेक 17 दिनाें से डायलिसिस के इंतजार में है। काेविड रिपाेर्ट के बगैर अस्पताल मरीज का डायलिसिस करने के लिए तैयार नहीं है। मरीज का डायलिसिस हाे सके, इसके लिए 16 जुलाई काे परिजनाें ने लाचार मरीज काे किसी तरह पीएमसीएच ले जाकर काेविड टेस्ट के लिए सैंपल दिलाया। इसके बाद परिजन कई बार पीएमसीएच के चक्कर काट चुके हैं लेकिन मरीज की काेविड रिपाेर्ट आज तक नहीं मिली। मरीज के परिजनाें ने बताया कि रिपाेर्ट के बारे में पूछने पर हर बार टाल-मटाेल कर दिया जाता है।
डायलिसिस नहीं हाेने के कारण मरीज की हालत बिगड़ती जा रही है। निराश हाेकर अंतत: साेमवार काे सदर अस्पताल में मरीज का काेविड टेस्ट कराया गया। मरीज की काेविड रिपाेर्ट भी मिल गई। मंगलवार काे उसे डायलिसिस के लिए ले जाया जाएगा। परिजनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति खराब हाेने के कारण निजी लैब में काेविड टेस्ट करना संभव नहीं था। टेस्ट में ढाई हजार और फिर डायलिसिस कराने में भी ढा से तीन हजार रुपए खर्च है।
मरीज का महीने में दाे बार हाेता है डायलिसिस
परिजनाें ने बताया कि अशाेक काे महीने में दाे बार डायलिसिस कराना पड़ता है। 16 जुलाई काे डायलिसिस के लिए मरीज काे लेकर प्रगति नर्सिंग पहुंचे लेकिन वहां बिना काेविड टेस्ट कराए डायलिसिस करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद वहां से पीएमसीएच जाकर मरीज का काेविड टेस्ट के लिए सैंपल दिया गया। रिपाेर्ट नहीं मिलने के कारण आज तक डायलिसिस नहीं हुअा।
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