Skip to main content

Jharkhand daily news

भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मध्याह्न के समय विघ्न विनाशक भगवान गणेश का जन्म हुआ था। हिन्दुओं के प्रथम पूज्य देवता गणेश हैं। सनातन धर्मानुयायियों के पंच देवताओं में गणेश जी प्रमुख हैं। किसी भी तरह की पूजा पाठ में सर्वप्रथम गणेश जी का आह्वान किया जाता है। अभिजीत मुहूर्त और स्थित लग्न में आज घर-घर में गणपति विराजेंगे। अनुमंडल में काेविड-19 के संक्रमण के बीच साेशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शनिवार काे गणेश पूजा का आयाेजन किया जाएगा। जानकारी हाे कि प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि काे गणेश चतुर्थी का त्याेहार मनाया जाता है।

ऐसी मान्यता है कि जाे पूरे विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर 11 दिनाें तक भक्ति भाव से पूजन करता है, उनके जीवन की सारी बाधाएं दूर हाे जाती हैं। भगवान गणेश की पूजा से ही सारे मांगलिक कार्य शुरू हाेते हैं। भगवान गणेश की पूजा अत्यंत ही शुभ व मंगलकारी मानी जाती है। इस बार गणेश चतुर्थी के अवसर पर काेराेना संक्रमण की काली छाया पड़ रही है। लाॅकडाउन के बीच जारी दिशा-निर्देश के अनुसार सभी स्थानाें पर साेशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए पूजा अर्चना की जानी है। इसकाे लेकर लाेगाें में उत्साह ताे है पर बाजाराें में राैनक नहीं है।

प्रत्येक वर्ष जहां गणेश चतुर्थी के पहले कई मूर्तिकार भगवान गणेश की प्रतिमा बनाते थे। इस बार चुनिदां मूर्तिकाराें ने गिनी चुनी प्रतिमाएं ही बनाई है। वहीं गणेश पूजा के अवसर पर अधिकांश स्थानाें पर जहां पूर्व में भव्य पंडाल स्थापित किए जाते थे, इस बार मात्र सांकेतिक रूप से ही सिद्धि विनायक भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जा रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Sage Siddhi Vinayak will be worshiped in the symbolic form of Ganpati in Abhijeet Muhurat today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Qhgl3Q
via IFTTT

Comments