पवन कुमार मिश्र, जिले में अब तक काेराेना से 82 लाेगाें की माैत हाे चुकी है। जबकि 2800 से अधिक पाॅजिटिव हैं। अगस्त के 9 दिनों में ही 51 लोगों की मौत हो चुकी है। हर 100 में से 3 मरीज की माैत काेराेना से हाे रही है। यह आंकड़ा डराने वाला है। क्याेंकि यह राज्य के किसी भी जिले के मुकाबले बहुत अधिक है।
आंकड़े की माने ताे राज्य में डेथ रेट करीब 1.25 प्रतिशत है, जबकि जमशेदपुर में यह 3 प्रतिशत है। जिले का डेथ रेट राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। देश में काेराेना से मरने वालाें की बात करें ताे यह 2.04 प्रतिशत है, जाे जमशेदपुर से करीब 1 प्रतिशत कम है।
यहां इस बीमारी से मरने वालाें मरीजाें की शुरुआत बहुत देर से हुई, लेकिन जब शुरू हुई ताे रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आलम यह है कि हर दिन 5 से 7 मरीज इस बीमारी से दम ताेड़ रहे हैं। राज्य के अन्य जिलाें की बात करें ताे वहां जमशेदपुर के मुकाबले स्थिति बेहतर है। रांची में संक्रमित मरीजाें की संख्या करीब 3700 है। जबकि माैत सिर्फ 36 की हुई है। जमशेदपुर के मुकाबले आधे से भी कम जबकि मरीजाें की संख्या जमशेदपुर से करीब 1 हजार अधिक है। रांची का डेथ रेट सिर्फ 1 प्रतिशत से भी नीचे हैं।
बीमार और बुजुर्ग मरीज यहां अधिक इसलिए संक्रमण से मरने वाले ज्यादा
काेराेन के अधिकतर मामले 50 से अधिक उम्र के लाेगाें में हैं। अधिकतर मरीज गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, यही वजह है कि यहां मरीजाें के मरने का अनुपात राज्य के अन्य शहराें की अपेक्षा अधिक है। जिले में अगस्त के 9 दिनाें में ही 51 लाेगाें की माैत हाे चुकी है। इसमें 40 मरीज पूर्वी सिंहभूम जिले के जबकि 9 दूसरे जिलाें के मरीज शामिल हैं। जिले के पिछले तीन महीनाें में 42 मरीजाें की ही माैत हुई थी। जबकि अगस्त के 9 दिनाें में ही 40 मरीजाें की माैत हाे चुकी है।
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