संजय तिवारी, बालूमाथ थाना क्षेत्र में पुलिस अफसराें की मिलीभगत से काेयले का काला काराेबार किया जाता है। इस धंधे में नामचीन काराेबारियाें के साथ पुलिस के एसडीपीओ, इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी शामिल हैं। लातेहार में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मो. तौफिक अहमद की काेर्ट में दायर 950 पन्नों की चार्जशीट से इस बात का खुलासा हुआ है। अदालत ने प्रथमदृष्टया साक्ष्य उपलब्ध रहने का हवाला देते हुए मामले काे संज्ञान में लिया है। बालूमाथ में कोयला के अवैध कारोबार की शिकायत पर लातेहार एसपी प्रशांत आनंद ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।
एसआईटी काे तत्कालीन एसडीपीओ रणवीर सिंह, इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी राजेश मंडल और एसडीपीओ के रीडर राहुल कुमार के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले थे। इसके बाद एसडीपीओ सिंह काे पुलिस मुख्यालय ने दूसरे जिले में स्थानांतरण कर दिया था, जबकि इंस्पेक्टर और रीडर को एसपी ने निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। बालूमाथ थाना में कांड संख्या 126/2020 के तहत केस दर्ज किया गया था। अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर राणा भानुप्रताप सिंह ने 4 अगस्त को चार्जशीट दाखिल की है। इसमें तीन पुलिस अफसर, काराेबारी कामेश्वर कुमार दास, चेतलाल रामदास, मिथुन साव, अमित केशरी, संतोष कुमार मिश्रा, पवन कुमार, अशोक पासवान समेत 28 लाेगाें के नाम हैं।
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