संजय मिश्रा, कोरोना संक्रमण के फैलने की स्थिति इलाज को लेकर परेशानी नहीं आए, इसके लिए रेलवे ने आइसोलेटेड कोच तैयार किया था। ये कोच मेडिकल की तमाम सुविधाओं से लैस है। आइसोलेशन कोच का इस्तेमाल कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है। पर दुर्भाग्य यह है कि धनबाद यार्ड में 30 आइसोलेशन कोच (480 बेड) यूं ही बेकार पड़ा है। एक कोच में 16 बेड का इंतजाम है। इसका सुध लेने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति तब है, जब मरीजों की बढ़ रही संख्या पर प्रशासन बेड की कमी का रोना रो रहा है।
कोविड मरीज के लिए नए अस्पताल खोजे जा रहे हैं। लाखों खर्च कर वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। मरीजों को भर्ती होने में परेशानी हो रही है। जानकार बताते हैं कि आइसाेलेशन कोच का इस्तेमाल कोविड अस्पताल के रूप में किया जा सकता है। काेच में वाे सभी सुविधाएं है, जो किसी अस्पताल में होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार की मांग पर धनबाद से 10 कोच भेजा गया था, जो फिलहाल बरकाकाना स्टेशन पर रिजर्व खड़ी है। बिहार सरकार भी 30 आइसोलेशन कोच का इस्तेमाल कर रही है।
आइसोलेशन कोच में छह सुविधाएं...
1. कचरा के लिए तीन तरह के डस्टबिन रखे गए हैं। एक में सूखा, दूसरे में गिला और तीसरे में मेडिकल वेस्ट डाला जाएगा।
2. काेच की खिड़कियाें में नेट की जाली लगाई गई है, ताकि पारदर्शिता रहने के साथ-साथ मच्छर प्रवेश नहीं कर सके।
3. पानी का बाेतल रखने के लिए बेड के पास ही जगह है। माेबाइल चार्जिंग के साथ-साथ हवा, लाइट की व्यवस्था है।
4. चार टायलेट में एक काे बाथरूम बनाया गया है। बाथरूम में नल के साथ-साथ झरना की सुविधा है।
5. काेच का पहला केबिन डॉक्टर व मेडिकल टीम के लिए सुरक्षित है। पारदर्शी पर्दा है, जहां से मरीजाें का ध्यान रख सकती है।
6. मरीज की स्थिति खराब हाेने पर तुरंत ऑक्सीजन प्रदान किया जा सकता है। प्रत्येक केबिन में ऑक्सीजन सिलिंडर रखा हुआ है।
कोच को कोविड अस्पताल के विकल्प के रूप में तैयार किया गया है। इसे राज्य सरकार की मांग पर रेलवे उपलब्ध कराती है। झारखंड सरकार की ओर से अभी तक मांग नहीं की गई है। मांग करने पर रेलवे काेच उपलब्ध कराएगी। -राजेश कुमार, सीपीआरओ, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3iNpDB9
via IFTTT
Comments
Post a Comment