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Jharkhand daily news

रिम्स के ब्लड बैंक में प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत हुए 15 दिन पूरे हो गए है। इन 15 दिनों में अभी तक केवल 13 लोगों ने ही प्लाज्मा डोनेट किया। इन 13 में से 4 लोगों ने ही वॉलंटियर्स के तौर पर प्लाज्मा डोनेट किया है। इसके अलावा अन्य 9 लोगों ने अपने रिश्तेदारों के लिए प्लाज्मा डोनेट किया। ऐसे में रिम्स प्रबंधन संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा नहीं दे सकता है। चिकित्सकों के अनुसार कई गंभीर मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाकर उनकी जान बचाई जा सकती है।

रिम्स के पीएसएम विभाग और प्लाज्मा थेरेपी कमेटी के इंचार्ज डॉ मिथिलेश कुमार ने बताया कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के तहत वेंटीलेटर पर इलाजरत या फिर वैसे संक्रमित मरीज जिन्हें सांस लेने में तकलीफ हो, उसे 24 घंटे के अंदर और 24 घंटे के अंतराल पर उसे 200-200 एमएल की मात्रा के अनुसार प्लाज्मा चढ़ाया जाए तो संक्रमण जल्दी ठीक हो सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में तीन संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा देने के बाद बहुत जल्द इम्प्रूवमेंट हुआ है। ऐसा उन्हें समय से और सही मात्रा में प्लाज्मा देने से हुआ है। इसके अलावा संक्रमित की आयु भी बहुत मायने रखती है। कम उम्र वाले व्यक्ति में जल्दी सुधार होता है।

पटना और रांची के डोनरों ने किया प्लाज्मा डोनेट

बुधवार को प्लाज्मा चढ़ाने से एक और संक्रमित में सुधार आया है। रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती संक्रमित को सोमवार को प्लाज्मा चढ़ाया गया उसमें सुधार देखा जा रहा है। वहीं बुधवार को रिम्स ब्लड बैंक में 5 डोनर पहुंचे। इन डोनरों में रांची से 3, पटना से 1 और डाल्टनगंज से 1 था। डोनेट करने से पहले इन पांचों के कई जांच हुऐ। जिनमें दो लोग ही प्लाज्मा डोनेट कर पाए। इन दोनों डोनरों ने अपने रिश्तेदार के लिए प्लाज्मा डोनेट किया है।

अबतक रिम्स में 13 यूनिट जमा
अब तक रिम्स के ब्लड बैंक में 13 यूनिट प्लाज्मा जमा हुए हैं। इसमें 4 यूनिट मेडिका, 1 मेदांता, 1 आलम हॉस्पिटल, 1 सैमफोर्ड, 1 आर्किड, 1 रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, 1 राज हॉस्पिटल में भर्ती संक्रमित को चढ़ाया गया। इनमें मेडिका से 1, रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल और आर्किड के संक्रमित व्यक्ति में सुधार हुआ है। अभी ब्लड बैंक में 3 यूनिट प्लाज्मा है, जो किसी संक्रमित के लिए रिजर्व रखा गया है।

आईसीएमआर के गाइड लाइन के तहत वेंटीलेटर पर गए संक्रमित मरीज को 24 घंटे के अंदर और 24 घंटे के अंतराल पर उसे 200-200 एमएल प्लाज्मा चढ़ाया जाए तो संक्रमित को बचाने की संभावनाएं बढ़ जाती है - डॉ मिथिलेश, प्रभारी, प्लाज्मा थेरेपी कमेटी



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2 did plasma donate in rims, plasma infection improved the status of an infected


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