कोरोना के संक्रमण से पुलिस विभाग परेशान है। धनबाद के 25 थानों में कोरोना पहुंच चुका है। सिटी एसपी से इंस्पेक्टर तक संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 66 पुलिस वालों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। 40 स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 26 अब भी इलाजरत हैं। पुलिस के लिए कोरोना का संक्रमण अभी अपराधियों से भी बड़ा बड़ा सिर दर्द बन चुका है। पुलिस अपराधियों के पीछे है और कोरोना पुलिस के पीछे...। कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए पुलिस को अपनी कार्यशैली में कई बदलाव करने पड़े हैं। थानों में बैठा कर फरियादी की फरियाद सुनने से बचा जा रहा है।
जिले के कई थानों में आवेदन सीधे हाथों में नहीं लिया जा रहा है। थानों के बाहर बॉक्से लगाए गए हैं, फरियादी अपना आवेदन उन्हीं बॉक्सों में डाल रहे हैं। यही नहीं, लोगों को फोन पर शिकायत बताने का आग्रह किया जा रहा है। गश्ती के समय भी पुलिस सामाजिक दूरी बनाने पर जोर दे रही हैं। मास्क, ग्लव्स और सेनेटाइजर को पुलिस ने अपना नया हथियार बनाया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर तुंरत हथकड़ी नहीं लगा रही है। आरोपी को स्वयं हथकड़ी पहने को कह रही है। आरोपी की कोरोना जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस उसे छू रही है। गंभीर मामलाें में पुलिस काेताही नहीं बरत रही, लेकिन फरार आराेपियाें के गिरफ्तारी से परहेज जरूर कर रही है। गिरफ्तार करने से पहले वरीय अधिकारियाें से राय मांग रही है।
सरायढेला, सदर और बैंकमोड़ पुलिस चार बार करा चुकी है जांच
संक्रमण पुलिस लाइन, पुलिस क्लब और पुलिस अधिकारियाें के कार्यालय तक पहुंच गया है। एसपी, इंस्पेक्टर से लेकर थानेदार भी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। निरसा, भूली, कपुरिया के थाना प्रभारी काेराेना संक्रमित हो चुके हैं। थाने में पुलिसकर्मी अथवा आराेपी के संक्रमित मिलने पर अधिकारियों व पुलिसकर्मियाें काे हर बार टेस्ट कराना पड़ा रहा है। सरायढेला, सदर व बैंक माेड़ थाना के पुलिसकर्मी चार-चार बार स्वाब टेस्ट करा चुके हैं।
जानिए, संक्रमण ने कैसे बदली पुलिस की कार्यशैली
गिरफ्तारी से परहेज पुलिस जरूरी मामलों में ही गिरफ्तार कर रही है। रिपाेर्ट आने तक आराेपी से दूरी बना रही है। आरोपी को खुद ही हथकड़ी लगाने काे कह रही है। डिस्टेंस गश्ती हो या भी थाना में ड्यूटी... पुलिस कर्मी संक्रमण से बचने के लिए डिस्टेंस बना रहे हैं। भीड़ वाले इलाके में जाने से पहले सावधानी बरत रही है। मास्क लगा कर ही ड्यूटी कर रही है। सीधे हाथों में नहीं ले रहे आवेदन कई थानों में पुलिस कर्मी सीधे हाथों में आवेदन नहीं ले रहे हैं।
थाने के बाहर एक बाॅक्स रखा है, लोगों को आवेदन उसी में डालने को कहा जा रहा है। ऑनलाइन शिकायत करने काे कहा जा रहा है। आरोपियों को अलग रखने की व्यवस्था पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को थाने में दूर-दूर रख रही है। मेडिकल जांच { पुलिस आरोपी की कोरोना जांच कराने के बाद ही उसे काेर्ट में प्रस्तुत कर रही है।
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