गीदम में कोरोना के मरीजों की बढ़ रही संख्या के बीच यहां के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सूर्या गुप्ता ने जिम्मेदार पद पर रहते हुए गैर जिम्मेदाराना कृत्य कर दिया। पहले तो जानते हुए भी कोविड के मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, फिर अफसरों को सूचना दिए बिना ही अस्पताल को 3 सितंबर तक सील करने का आदेश जारी कर सील भी कर दिया। जब अधिकारियों को बात पता चली तो वे गीदम पहुंचे। अधिकारियों ने जब सवाल किया तो बीएमओ उल्टे भड़क गए और कहा कि 6 महीने से लिख कर दे रहा हूं कि मुझे बीएमओ पद से हटा दो।
फिलहाल बीएमओ, दो डॉक्टर सहित अस्पताल के 6 कर्मचारी क्वारेंटाइन हो गए हैं। इस पूरी घटना ने अब स्वास्थ्य विभाग का सिर दर्द बढ़ा दिया है और इसे अफसर खुद इरादतन बीएमओ की लापरवाही मान रहे हैं। गीदम का अस्पताल सील होने से अब मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब लोगों की नाराजगी शुरू हुई तो शनिवार को गीदम पहुंचे सीएमएचओ डॉ. एसपीएस शांडिल्य ने अस्पताल को सैनिटाइज कराने का काम शुरू कराया।
यह था मामला
दरअसल शुक्रवार को होम आइसोलेशन में रखी गई गीदम की कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब हुई तो कोविड अस्पताल में भर्ती करने की बजाए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। जहां महिला की मौत हो गई। इसके बाद आनन-फानन में अफसरों की सलाह के बिना बीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया। इसके पहले भी कलेक्टर के आदेश पर कोविड अस्पताल के प्रभार से हटाए गए डॉ. देवेन्द्र प्रताप को बिना अफसरों की सलाह के दोबारा चार्ज दे दिया था। लापरवाही उजागर होने पर प्रभार देने की बात उजागर हुई, इसके बाद कलेक्टर ने अफसरों पर नाराजगी भी जताई थी।
अस्पताल सील होने से लोगों में नाराजगी
गीदम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल के बाद दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां 65 से ज्यादा गांवों के अलावा पड़ोसी जिला बस्तर, नारायणपुर और बीजापुर के भी कई गांवों के ग्रामीण आते हैं। अस्पताल सील के निर्णय को लोगों ने गलत ठहराया है। जब तक अस्पताल नहीं खुलता तब तक गीदम के मरीजों को 12 किमी दूर जिला अस्पताल जाना पड़ेगा।
सीधी बात
डॉ एसपीएस शांडिल्य,
सीएमएचओ दंतेवाड़ा
सवाल - गीदम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सील किया गया है, क्या आपके निर्देश थे?
- अस्पताल सील करने से पहले बीएमओ ने न तो पूछा और न ही मैंने किसी तरह का निर्देश दिया।
सवाल - इस तरह के कृत्य पर अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
- बीएमओ ने गैर जिम्मेदाराना कृत्य किया है। क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि महिला कोरोना पॉजिटिव है। जिन्हें पास के कोविड अस्पताल में ले जा सकते थे। डॉ सूर्या बीएमओ पद से हटना चाहते हैं। कई बार आवेदन भी दे चुके हैं , लेकिन उन्हें हटाया नहीं गया और उनसे काम लिया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है उन्होंने कोरोनाकाल के बीच इरादतन ऐसा कृत्य किया है। कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
सवाल - बीएमओ के आदेश के मुताबिक क्या 3 सितंबर तक अस्पताल बंद रहेगा? इमरजेंसी केस में मरीज कहां जाएंगे?
- अस्पताल सैनिटाइज कराया जा रहा है। सोमवार को 3 टाइम सैनिटाइज कराने के बाद अस्पताल खोल दिया जाएगा।
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