किसानों को बोनस के रूप में राजीव गांधी न्याय योजना के तहत चार किस्तों में दी जाने वाली राशि अब तक केवल दो किस्त ही मिली है। बाकी की दो किस्त कब मिलेगी इसका कोई पता नहीं है। किस्त समय पर नहीं मिलने से किसानों को हो रही परेशानी के बीच राज्य सरकार ने सोमवार से धान खरीदी के लिए पंजीयन शुरू करवा दिया है लेकिन पहले दिन जिले में एक भी किसान ने पंजीयन नहीं कराया है।
जानकारी के मुताबिक पिछले साल धान बेचने के लिए बस्तर जिले में 29 हजार 944 किसानों ने पंजीयन कराया था जिसमें से 24 हजार 895 किसानों ने धान बेचा था। इन किसानों को इस साल धान बेचने के लिए नया पंजीयन नहीं कराना होगा। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ आरए खान ने कहा कि सोमवार से पंजीयन शुरू हो गया है जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। राजीव गांधी न्याय योजना की दूसरी किस्त आ चुकी है। 20 अगस्त तक इसे किसानों के खाते में जमा कर दिया जाएगा। बाकी की दो किस्त कब तक आएगी इसके विषय में कुछ नहीं कहा जा सकता है।
गौरतलब है किसानों का पंजीयन 37 समितियों में किया जा रहा है। पिछले साल धान बेचने वाले किसानों ने जितने रकबे में खेती की थी उसका पूरा धान नहीं बेचा। किसान असमंजस में थे। जिसके चलते वे 11 हजार 225 हेक्टेयर में लगी धान की फसल को नहीं बेच पाए।
80 करोड़ 90 लाख रुपए मिलने हैं किसानों को
प्रदेश सरकार ने किसानों को बोनस के रूप में दी जाने वाली राशि को न्याय योजना में तब्दील किया है। इस योजना के तहत बस्तर जिले के किसानों को चार किस्त में 80 करोड़ 90 लाख रुपए दिए जाने हैं। जिसमें से सरकार ने अब तक किसानों को पहली किस्त में 21 करोड़ 23 लाख रुपए करीब एक महीने पहले जमा किए थे। दूसरी किस्त के रूप में सोमवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को 21 करोड़ 23 लाख रुपए मिले हैं। जिसे तीन दिनों के अंदर किसानों के खाते में जमा करने की बात कही जा रही है ।
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