गणेशोत्सव की शुरुआत शनिवार से हो गई है। शहर व अंचल में आस्था व उल्लास के बीच प्रथम पूज्य देवता श्रीगणेश की सैकड़ों प्रतिमाएं घरों में विराजमान हुए। सिरहासार चौक में विभिन्न मुद्राओं, आकृतियों व आकार युक्त गणेश प्रतिमाएं खरीदने सभी वर्गों के लोगों की काफी भीड़ रही। देर शाम तक ग्रामीण अंचलों के श्रद्घालु भी प्रतिमाएं ले जाने पहुंचे।
चतुर्थी को लेकर सुबह से बाजार में रौनक रही। फल और फूल की दर्जनों दुकानें सजी रहीं । इसके अलावा मूर्तियों की स्थापना शुभ मुहूर्त में सुबह 7 बजे से लेकर देर शाम तक चली। लोगों ने बड़ी आस्था और भक्तिभाव के साथ पूजन कर प्रतिमा स्थापित की। 10 दिनों तक चलने वाला यह गणेश उत्सव 1 सितंबर तक चलेगा। पंडित राम रजीनश ने कहा कि लोग इतने दिनों गणेश की प्रतिमा स्थापित नहीं कर सकते वे 1, 3, 5 और 7 दिन के लिए गणेश की प्रतिमा को स्थापित कर सकते हैं। नगर निगम ने इस साल भी पिछले साल की तरह मूर्तियों की बिक्री के लिए शहर के सिरहासार भवन की गैलरी में व्यवस्था की थी। शनिवार को बारिश नहीं होने से लोगों को काफी राहत मिली।
इस साल कोलकाता के फूलों से होगी पूजा
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा पिछले साल तक कोलकाता और विजयवाड़ा से आए हुए गेंदा के फूलों से होती थी लेकिन इस साल कोरोना के चलते विजयवाड़ा से फूल नहीं आ पाए। इसके चलते इस साल कोलकाता से आए गेंदे के फूलों से ही पूजा होगी। फूल व्यवसायी राकेश साहू ने कहा कि इस साल स्थानीय स्तर पर फूल नहीं होने और खपत बढ़ने की संभवना को देखते हुए व्यापारियों ने पहले से ही बड़े पैमाने पर कोलकाता से फूल मंगा लिए थे लेकिन दो दिनों की बारिश के चलते उम्मीद के मुताबिक फूल नहीं पहुंच पाए।
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