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प्रवीर वार्ड में अंतिम संस्कार का विरोध पीपीई किट पहन कर बेटे ने दी मुखाग्नि

संभाग में मंगलवार को बीजापुर में 2 कोरोना पॉजिटिव और दंतेवाड़ा में एक मरीज ने दम तोड़ दिया है। संभाग में 148 नए मरीज भी मिले हैं।
इधर जगदलपुर में कोरोना मरीज की लाश का अंतिम संस्कार भारी सुरक्षा के बीच मंगलवार को स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया। दो दिन पहले फ्रेजरपुर इलाके के व्यक्ति की कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मौत हो गई थी। मंगलवार को अफसरों और परिवार के सदस्यों ने स्थानीय मुक्तिधाम में शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जैसे ही शुरुआत की वैसे ही प्रवीर वार्ड के लोग वार्ड के पार्षद महेंद्र पटेल के नेतृत्व में विरोध में उतर गए। अफसरों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंच गए।
थोड़ी ही देर में यहां विरोध और तेज हो गया। सड़क पर जाम जैसे हालात हो गए और लोग इस बात पर अड़ गए कि यहां लाश का अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जाएगा। करीब दो घंटे तक यहां तमाशा चलता रहा। इसके बाद अफसरों और पुलिस वालों ने लोगों को समझाया कि लाश के अंतिम संस्कार से यहां के लोगों को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है और लाश का अंतिम संस्कार पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा है।

अंतिम संस्कार के दौरान सभी जरूरी प्रक्रिया का पालन हुआ
मृतक के शव को पूरी सुरक्षा के साथ मुक्तिधाम पहुंचाया गया इसके बाद मुखाग्नि देने के लिए उनके बेटे को भी पीपीई किट पहनाया गया और करीब तीन फीट की दूरी से बेटे ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान सभी जरूरी प्रक्रिया का पालन सुरक्षित तरीके से पूरा किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी यहां एक पॉजिटिव मरीज को दफन किया जा चुका है।

8 घंटे तक डटे रहे अफसर लोगों ने जताई नाराजगी
इधर स्थानीय लोगों के विरोध के बीच जिला प्रशासन के अफसर यहां सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक डटे रहे और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव का दाह संस्कार किया गया। यहां निगम की ओर से हेमंत श्रीवास, रेडक्रॉस से अलेक्जेंडर चेरियन, एसडीओपी चंद्रशेखर बरमा, एसडीएम प्रवीण वर्मा, सिटी कोतवाली टीआई एमन साहू सहित अन्य अफसर मौजूद थे।

महारानी अस्पताल में एक मरीज निकला पॉजिटिव
कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौतों का सिलसिला अब शुरू हो गया है। वहीं महारानी हॉस्पिटल के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक मरीज के पॉजिटिव निकलने के बाद इस वार्ड को भी सील कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को बस्तर जिले में 30, सुकमा में 20, दंतेवाड़ा में 40, कोंडागांव 9, कांकेर में 28 और नारायणपुर में 16 नए मरीज मिले हैं।

अफसरों की भी लापरवाही...क्योंकि विरोध पहले भी हुआ लेकिन समन्वय के लिए कोई काम ही नहीं किया
इधर मंगलवार को शव के अंतिम संस्कार का विरोध पहली बार नहीं हुआ है। बस्तर में पहली बार रोजगार सहायक की मौत के बाद शव को दफनाने के नाम पर विरोध शुरू हुआ था। इस विरोध से लेकर मंगलवार को हुए विरोध तक को अफसरों ने गंभीरता से ही नहीं लिया। जानकार बता रहे हैं कि अफसरों को पहले ही सभी समाज प्रमुखों की एक बैठक आयोजित करनी थी। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों, सामजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल करना था और शवों के अंतिम संस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर सभी को विश्वास में लेना था।



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Son's protest against funeral in Praveer ward wearing PPE kit


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