10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में देश में स्वच्छता में नंबर वन आने के बाद अंबिकापुर नगर निगम पूरे अभियान का ऑडिट कराने जा रहा है। इंजीनियरों के नेतृत्व में 3 विभागों की टीमें इसके लिए लगाई गई हैं। सभी टीम को अपने-अपने जोन में अभियान की वर्तमान स्थिति और इसमें और क्या नया किया जा सकता है इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसके बाद इसी आधार पर एक कमियों को दूर किया जाएगा। अगला स्वच्छता सर्वेक्षण अगले साल जनवरी में होगा। इस बार अंबिकापुर ने 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में बाजी मारी है और कोशिश इससे आगे निकलने की है। बड़े शहरों में इंदौर देश में पहले नंबर पर है। स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम आने साथ ही अगले सर्वेक्षण की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी टीम के साथ लगातार बैठक कर इसकी समीक्षा कर रहे हैं। अभियान में लगी टीमों को 3 दिन में आडिट कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
इस बार पब्लिक फीड बैक में कट गए हैं 200 नंबर
स्वच्छता सर्वेक्षण में अंबिकापुर के इस बार पब्लिक फीड बैक में करीब दो सौ नंबर कट गए हैं। तीन चरणों में सेंट्रल की टीम ने अभियान को लेकर लोगों से फोन कर यहां की स्थिति की समीक्षा की थी। कई लोग अभियान के बारे में नहीं बता पाए थे। अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल में पहले चरण में कई जगह दिक्कत थी। इसलिए नंबर कट गए थे।
पाइप लाइन से शहर की सड़कें और नालियां खराब
पाइप लाइन के लिए खुदाई से शहर में सड़कें और नालियां टूट गई हैं। सभी जोन में यह स्थिति है। अगले सर्वेक्षण से पहले सड़कें और नालियों को ठीक कराने का लक्ष्य है ताकि अगली बार स्थिति और बेहतर बन सके। करोड़ों की लागत से बनी सड़क और नालियां पाइप लाइन के लिए खुदाई से टूट गई हैं।एसएलआरएम सेंटर और सार्वजनिक टॉयलेट खराब
स्वच्छता अभियान में कई एसएनआरएम सेंटरों के अलावा सार्वजनिक टॉयलेट चुनौती हैं। सभी सेंटरों का जायजा लेने को कहा गया है। सेंटर बढ़ाने के साथ इसे और किस तरह से बेहतर किया जाएगा। वहीं उन क्षेत्रों में जहां सार्वजनिक टॉयलेट ठीक नहीं हैं। वहां ठीक कराए जाएंगे।
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