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अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान बोले सीएम - ड्रम बजाना नहीं, गेड़ी चढ़ना और ढोल बजाना हमारी संस्कृति

सीएम भूपेश बघेल ने विपक्ष द्वारा टीआरपी बढ़ाने के लिए गेड़ी चढ़ने और ढोल बजाने के कटाक्ष पर तगड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हम पीआर के लिए गेड़ी नहीं चढ़ते, यह हमारी संस्कृति है। ड्रम बजाना हमारी संस्कृति नहीं, जैसा आपके नेता ने किया था। उन्होंने कहा कि नदी पार करना, ढोल- नगाड़ा बजाना हमारी संस्कृति है। पीआर तो आप लोग नोटबंदी और लॉकडाउन कर करते हैं। अनुपूरक मांगों पर चर्चा का जबाव देते हुए सीएम भूपेश ने कहा कि मनरेगा में 26 लाख लोगों को काम दिया गया। राजीव गांधी किसान योजना का लाभ प्रदेश के 19 लाख किसानों को दिया जा रहा है। लघु वनोपजों के संग्रहण के माध्यम से 12 से 13 लाख वनवासी परिवारों को रोजगार और आय के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। यही कारण है कि लॉकडाउन में भी छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग के पहिए चलते रहे।
विकास की पीठ थपथपाई : सीएम ने कहा कि मजदूरों के आने को लेकर सबने बाते कहीं लेकिन किसी ने यह नहीं पूछा कि कितने गए। सात लाख मजदूर छत्तीसगढ़ आए लेकिन सिर्फ 28 हजार मजदूर यहां से अपने प्रदेश लौटे। यहां के लोगों ने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के लोग टाटीबंध में उतरते थे, वहां विकास उपाध्याय और उसके साथी खड़े रहेंगे, जो हमारे आने-जाने की व्यवस्था करेंगे।

1 लाख 6714 करोड़ हो गया बजट
विधानसभा में चर्चा के बाद 3807 करोड़ 46 लाख रुपए की प्रथम अनुपूरक मांग पारित कर दी गई। इसके बाद 2020-21 का वार्षिक बजट एक लाख दो हजार 907 करोड़ 43 लाख को मिलाकर बजट का कुल आकार 1 लाख 6 हजार 714 करोड़ 89 लाख रुपए हो गया है। इसमें कोरोना से निपटने 978 करोड़ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आपदा राहत और पेयजल के लिए 1900 करोड़ व कांकेर, महासमुंद और कोरबा के मेडिकल कॉलेजों के लिए 53.29 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश की अर्थव्यवस्था कोमा में पहुंच गई है : रमन
पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि अर्थव्यवस्था कोमा में पहुंच गई है। सारे काम रुक गए हैं। इसे कोरोना बजट के रूप में प्रस्तुत करना था, लेकिन इसमें स्वास्थ्य को लेकर काेई चिंता नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय व्यवस्था चौपट हो गई है।
प्रति मिनट 2 लाख कर्ज ले रही सरकार : कौशिक
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार प्रति मिनट दो लाख रुपए कर्जा ले रही है। सरकार को लोन का ब्याज पटाने के लिए ही हर महीने 360 करोड़ रुपए चाहिए। सरकार बच्चों को डॉक्टर इंजीनियर नहीं बनाना चाहती बल्कि गोबर बिनवाना चाहती है।
सरकार नहीं रियल्टी शो चल रहा है : चंद्राकर
अजय चंद्राकर ने कहा कि यहां सरकार नहीं रियल्टी शो चल रहा है। सभी अपनी टीआरपी बढ़ाने में लगे हैं। कोई ढोलक बजा रहा है तो कोई नाच रहा है तो काेई गा रहा है। सारे मंत्रियों के अधिकार छीन लिए गए हैं। मितव्ययिता के नाम पर पहले संसदीय सचिव अब पद बढ़ाने विधेयक लाए जा रहे हैं।

फ्रस्ट्रेशन निकाल रहे हैं अजय चंद्राकर
सीएम ने कहा कि एक सिंह हैं, बाकी सब गीदड़ हैं। अब गीदड़ कौन है, ये खोज का विषय है। पहले दिन से देख रहा हूं अजय चंद्राकर फ्रस्ट्रेशन निकाल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष बनना चाहते थे, वहां चूक गए। चिखते-चिल्लाते रहे, लेकिन अनुशासन का डंडा चला, वहां मन-मसोस कर रह गए। प्रदेश अध्यक्ष बनने की बारी आई तो वहां भी चूक गए तो फ्रस्ट्रेशन निकलेगा कहां।



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