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सार्वजनिक स्थानों पर नहीं विराजित होंंगे नंदलाल

इस बार कृष्ण जन्माष्टमी पर्व दो दिन 11 तथा 12 अगस्त को पड़ रही है। शहर के मंदिरों में जन्माष्टमी 12 अगस्त को मनाई जाएगी जबकि बड़ी संख्या में घरों में लोग 11 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे। जन्माष्टमी पर इस बार कोरोना संक्रमण के चलते इस बार लोग घरों में ही पूजन करेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर भगवान कृष्ण की मूर्तियां विराजित कर होने वाले विभिन्न आयोजन इस बार नहीं होंगे।
गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी कृष्ण जन्माष्टमी पर्व दो दिन 11 व 12 अगस्त को पड़ रहा है। पंचांग के जानकारों का कहना है दोनों में से किसी भी दिन श्रद्धालु जन्माष्टमी मना सकते हैं। भास्कर ने जानकारी ली तो प्राय: मंदिरों में जन्माष्टमी 12 अगस्त को मनाई जा रही है। जन्माष्टमी की तैयारियों में मंदिर प्रबंधन जुटा हुआ है। घरों में भी लोग अपने अपने मत अनुसार 11 तथा 12 में से किसी भी दिन जन्माष्टमी मनाने तैयारियां कर रहे हैं। कैलेंडरों में जन्माष्टमी अवकाश 12 अगस्त को दिया गया है। ज्योतिषी गीता अशोक शर्मा ने कहा देवपंचाग के अनुसार 11 व 12 अगस्त दोनों दिन इस साल जन्माष्टमी पड़ रही है। लोग अपनी स्वेच्छा से दोनों में से किसी भी दिन जन्माष्टमी मना सकते हैं।
शहर में प्रतिवर्ष भगवान कृष्ण की 300 से अधिक मूर्तियां लोग खरीदते हैं लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते आधी की मूर्तियां तैयार की है। बालोद जिले से पहुंचे निर्मल कुंभकार ने कहा इस बार कोरोना वायरस के कारण मूर्तियों की पूछपरख कम है इसलिए कम ही मूर्तियां तैयार की है। जन्माष्टमी के एक दिन पहले 10 अगस्त को लोग बड़ी संख्या में पूजन सामग्री खरीदने पहुंचे। इसके चलते बाजार में चहल पहल रही। दुकानों में श्रद्घालु भगवान कृष्ण की मूर्ति के साथ पोषाक, मोर पंख, मुकुट, श्रृंगार सामान खरीददारी करने पहुंचे। इसके अलावा बाजार में तिखूर आदि की भी अच्छी मांग रही। व्यवसायी दिनेश सेन, अनिल ठाकुर ने कहा भगवन कृष्ण की पूजा के लिए मूर्ति के साथ पोषाक, श्रृंगार सामान की खरीदी करने लोग पहुंचे।

लाउडस्पीकर नहीं लगेगा: मंदिर प्रबंधन
इस बार मांझापारा राधाकृष्ण मंदिर में मंदिर प्रबंधन ने कोरोना वायरस के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते जन्माष्टमी पर्व मनाने का निर्णय लिया है। लाउडस्पीकर नहीं लगाने का निर्णय लिया है। मंदिर में एक एक कर श्रद्घालुओं को अंदर जाने दिया जाएगा। पुजारी प्रधुमन लाल शर्मा ने कहा शासन के नियम का पालन करते बुधवार को सादगी से भगवान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
इस बार नहीं रखेंगे सार्वजनिक मूर्ति
जन्माष्टमी पर भी शहर में जगह जगह चौक चौराहों पर भगवान कृष्ण की मूर्तियां विराजित कराई जाती थी। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक स्थानों पर जन्माष्टमी पर कृष्ण भगवान की मूर्तियां विराजित नहीं कराने का निर्णय समितियों ने लिया है। आमापारा के देवेंद्र यादव ने कहा हर वर्ष सार्वजनिक स्थल में भगवान कृष्ण की मूर्ति विराजित कर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता था लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण यह आयोजन नहीं होगा। सिंगारभाठ की रूखमनी नेताम ने कहा इस बार अपने घर में ही भगवान कृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे।



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Nandlal will not be allowed in public places


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