प्रदेश के राधा-कृष्ण मंदिरों में बुधवार को जन्माष्टमी मनाई गई। रात 12 बजे भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना की गई। वहीं दिनभर भजन कीर्तन और भगवान का विशेष शृंगार किया गया। कोरोना संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं की संख्या इस वर्ष कम रही। शासन के नियमों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग बनाई गई, बेरिकेट लगाए गए और मास्क लगाकर मंदिर में प्रवेश दिया गया। लोगों को प्रसाद हाथ में देने की जगह पैकेट में दिया गया। भगवान के जयकारों के साथ मंदिर में ट्रस्ट के सदस्य और पुजारियों ने ही पूजा-अर्चना की। वहीं भंडारा और दही लूट प्रतियोगिता का आयोजन इस वर्ष नहीं किया गया।
इस्कॉन मंदिर
इस्कॉन मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव सादगीपूर्वक मनाया गया। इस्कॉन के प्रेसिडेंट एच एच सिद्धार्थ स्वामी और इस्कॉन फेस्टिवल कमेटी के चेयरमैन राजेश अग्रवाल ने बताया कि शासन के नियमों का पालन करते हुए भव्य आयोजन नहीं किया गया। सुबह 10 बजे से मंदिर के सेवकों ने हरि नाम कीर्तन किया जो रात 10 बजे तक चला। उसके बाद भगवान का अभिषेक, छप्पन भोग और महाआरती की गई। मंदिर में मास्क और सेनिटाइजर की व्यवस्था की गई और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। इसके साथ ही उत्सव का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया के जरिए किया गया। इस दौरान प्रचार प्रसार समिति के दिलीप केडिया, राजेंद्र पारख, जनार्दन दास, सुलोचन प्रभु, पवन सचदेव, राजेश किंगर, शुभम अग्रवाल, पंकज मिश्रा, राकेश अग्रवाल और मंदिर के सभी सेवक मौजूद रहे।
वृद्धाश्रम, श्याम नगर
यहां बुधवार को महापौर एजाज ढेबर ने बुजुर्गों के साथ जन्माष्टमी मनाई। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों का स्वागत किया, मिठाई और मास्क बांटा। उन्होंने सभी से शासन के नियमों का पालन करने अपील की। इस दौरान एमआईसी सदस्य ज्ञानेश शर्मा, रितेश त्रिपाठी, जितेंद्र अग्रवाल, कामरान अंसारी, गोवर्धन शर्मा, राधेश्याम विभार आदि मौजूद रहे।
राधा-कृष्ण मंदिर, मैथिलपारा
पुरानी बस्ती मैथिल पारा रायपुर में देर रात राधा कृष्ण मंदिर में जन्मोत्सव मनाया गया। विशेष श्रृंगार के साथ फिजिकल डिस्टेंस व मास्क लगाकर श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। बिना कोई चढ़ाव त्रिजल प्रसाद के ही कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान पंडित विजय कुमार झा, अभिनव झा, अमन शर्मा, शशांक शर्मा, अभिजीत ठाकुर, आशीष ठाकुर, विशेष तिवारी आदि मौजूद रहे।
राधाकृष्ण गोपाल मंदिर, पुरानी बस्ती
कृष्ण जन्माष्टमी पर बुधवार को पुरानी बस्ती स्थित गोपाल मंदिर में भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। महंत गोपालशरण देवाचार्य ने बताया कि सुबह भगवान का पंचगव्य से अभिषेक करने के बाद भव्य श्रृंगार किया गया। रात 8 बजे से भजन मंडली द्वारा भगवान के भजन-कीर्तन का दौर चला। इसके बाद रात 12 बजे भगवान का जन्माेत्सव मनाया गया। इस दौरान महंत गोपालशरण ने भगवान की आरती की। इससे पहले कोरोना संक्रमण के कारण इस बार जन्मोत्सव के अगले दिन होने वाले भंडारे जैसे विशेष आयोजनों को रद्द किया गया। साथ ही मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को अनिवार्य किया गया। मंदिर में भीड़ नहीं जुटने की अपील की गई। इस दौरान पंडित बृजेंद्रशरण, गोविंद शरणदेव, सुशील चाैबे, रमन झा, गोविंद झा आदि मौजूद रहे।
दूधाधारी मठ, मठपारा
दूधाधारी मंदिर में शाम 7.30 बजे भगवान के स्वर्ण श्रृंगार के साथ भजन-कीर्तन किया। श्रद्धालुओं को मंदिर में एक-एक कर प्रवेश दिया गया। रात 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।
समता काॅलोनी
राधा कृष्ण मंदिर में दोपहर 12 बजे भगवान का 11 लीटर दूध से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं के लिए शाम 4 बजे मंदिर खोला गया और आधी रात जन्मोत्सव के बाद मंदिर बंद कर दिया गया।
मंदिर में इस बार कोई भजन कार्यक्रम नहीं हुए। वहीं एक बार में केवल एक ही व्यक्ति को दर्शन करने की अनुमति दी गई। हाथों में प्रसाद ने देकर सभी को प्रसाद का पैकेट दिया गया।
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