Skip to main content

शिक्षकों की पदोन्नति समस्या को दूर करने सर्कुलेशन सिस्टम

शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि शिक्षकों को पदोन्नति देने की समस्या को दूर करने सर्कुलेशन सिस्टम हल हो सकता है। यानी रिक्त पदों में से जितने पद उन से भर लिए जाएं जिनके जो शिक्षक सभी दस्तावेजों और अहर्ताओं की पूर्ति करते हैं। बाकी पदों पर वरिष्ठता के अनुसार अस्थायी पदोन्नति दे दी जाए। और जब वह शिक्षक जो अस्थायी रूप से प्रमोट हुआ है। बाकी सीआर व कागजात जमा कराता है तो उसे नियमित पदोन्नति दे दी जाए। इससे विभाग का बड़ा काम हल्का होगा और शिक्षकों को उनका हक मिलेगा।
नियमित पदोन्नति कर सकती है सरकार : जानकारों का कहना है कि सरकार नियमित पदोन्नति कर सकती है। पदोन्नति में आरक्षण के मामले पर उच्च न्यायालय बिलासपुर ने 8 जनवरी 2020 के निर्णय में कहा है कि राज्य सरकार विधि अनुसार नियमित पदोन्नति करने स्वतंत्र है। इसके तहत अब शासन के समस्त विभागों को वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर अपने कर्मचारियों को पदोन्नति देना चाहिए। शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष राजेश चटर्जी ने कहा कि नियमित पदोन्नतियों में 9 दिसम्बर 2019 का आदेश बाधक नहीं है। लेकिन,छत्तीसगढ़ पदोन्नति नियम 2003 के नियम- 5 में किये गए संशोधन को लागू किये बिना,राज्य सरकार विधि अनुसार पदोन्नति करने स्वतंत्र है।

अनुकंपा नियुक्ति के भी कई मामले अभी अटके
शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के अनेक मामले लंबित हैं। नियमानुसार सहायक शिक्षक विज्ञान एवं सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति मिल सकती है। स्कूलों में भृत्य की कमी है। 14 हजार 573 पद रिक्त हैं। ये भी अनुकंपा से भरे जा सकते हैं। विभाग में सभी शिक्षक संवर्गों के पद रिक्त है। सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 के अनुसार पदोन्नति किया जाना चाहिए, लेकिन विभाग में पदोन्नति लंबित है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2YwLSDp
via

Comments