कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए मंगलवार को शहर के वीरसावरकर भवन में सर्वे दल को प्रशिक्षण दिया गया। यह सर्वे 6 अगस्त से शुरू होगा। तीन घंटे तक चले इस प्रशिक्षण में निगम आयुक्त प्रेमकुमार पटेल ने कर्मचारियों को बताया कि सर्वे के दौरान वे लोगों से कौन- कौन से प्रश्न पूछेंगे और उनसे मिली जानकारी के बाद उसका संधारण कैसे करेंगे। इसके अलावा आयुक्त ने कहा कि इस सर्वे में जनप्रतिनिधियों व दल के सदस्यों द्वारा अपने-अपने वार्डों में घर-घर जाकर पूरी जानकारी फार्म में भरेंगे और कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी भी देंगे।
डॉ. अमित दास ने ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को बताया कि सर्वे से यह मालूम पड़ जाएगा कि शहर में रहने वाले लोग किस बीमारी से पीड़ित हैं और कितने लोगों में कोरोना के लक्षण हैं और वे किस उम्र के हैं। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि सर्वे में किसी प्रकार की लापरवाही न करें और खुद सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क की अनिवार्यता का पालन करें।
लापरवाही पर इसका खामियाजा खुद के साथ ही पूरे परिवार को भुगतना पड़ेगा। अलग-अलग चरणों में कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान महापौर सफीरा साहू, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, आयुक्त, निगम दल प्रभारी राकेश यादव व शिक्षक मौजूद थे।
एक महीने पहले सीनियर सिटिजन का हो चुका सर्वे
कोरोना का असर सबसे अधिक बुजुर्गों में देखने को मिल रहा था इसलिए जिला प्रशासन ने एक महीने पहले शहर में सीनियर सिटीजन का सर्वे कराया था। करीब एक पखवाड़े तक चले इस सर्वे में निगम में 350 लोग ऐसे मिले थे जो एकल परिवार के अंतर्गत आते थे। इन लोगों की देखभाल का जिम्मा प्रशासन ने एएनएम और मितानिन को सौंपी थी, जो हर दिन जाकर इनके स्वास्थ्य की देखभाल और जांच करती थीं।
सर्वे में यह जानकारी लेंगे
- घर में कुल कितने लोग हैं?
- क्या कोई सदस्य रेगुलर बीमारी से पीड़ित हैं?
- क्या परिवार के सदस्य को खांसी, जुकाम, बुखार की कोई शिकायत तो नहीं है?
- क्या परिवार का कोई सदस्य एनआरआई है?
- इन दिनों घर में कोई आए हुए हैं या नहीं?
- अगर आए हैं तो कब से आए हैं?
- क्या उन्होंने चेकअप कराया है यदि हां तो रिपोर्ट क्या है?
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