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न्यूनतम वेतन न देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने उठाई गई मांग

निजी स्कूलों के कर्मचारियों की समस्या को लेकर आम जनजागरण मंच व आम आदमी पार्टी ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कार्यालय के सामने सांकेतिक प्रदर्शन किया। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपे ज्ञापन में प्रमुख मांग है निजी स्कूलों के प्रबंधन अपने शिक्षकों को शासन द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन दे तथा जो स्कूलें शिक्षकों को नियमानुसार वेतन नहीं दे रहे हैं उनकी मान्यता रद्द की जाए।
जन जागरण मंच और आम आदमी पार्टी की 9 सूत्रीय मांगों में जो अन्य मांगें है वे हैं शिक्षक तथा कर्मचारियों को छग शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अविलंब दिया जाए। निजी स्कूलों में निजी प्रकाशन की किताबों पर रोक लगाई जाए। निजी प्रकाशन की किताबें स्कूल से बेचने या बुक डिपो से खरीदने का दबाव बनाने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देकर स्थायी किया जाए। सभी कर्मचारियों का नाम, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज कर उनकी नियमित उपस्थिति दर्ज की जाए। कर्मचारियों को आकिस्मक अवकाश, ऐच्छिक अवकाश, चिकित्सीय अवकाश एवं छग शासन द्वारा दिए गए अन्य अवकाश दिए जाएं।
योजनाओं का लाभ नहीं देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई हो : कर्मचारियों को ग्रेज्युटी, कर्मचारी भविष्य निधि, समूह बीमा पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो 8-10 वर्षों से अपने कर्मचारियों को इन योजनाओं के लाभ से वंचित रखे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मारूति वैन, टाटा, मैजिक वाहनों में बच्चों को स्कूल लाना ले जाना किया जाता है जिस पर कड़ाई से रोक लगाई जाए। जनजागरण मंच के अध्यक्ष चंद्रकांत देवांगन, आम आदमी पार्टी विधानसभा अध्यक्ष अर्जुन सिंह ठाकुर ने कहा 15 सितंबर तक मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे हाईकोर्ट जाएंगे। सांकेतिक प्रदर्शन में आम आदमी पाटी के प्रताप वालेचा सहित रविशंकर पटेल, विरेंद्र सिंह ठाकुर, चंद्रकांत पटेल, रामेश्वर ठाकुर शामिल हुए।



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