मनोज व्यास | डीजीपी डीएम अवस्थी अब वीडियो कॉल के जरिए पुलिसकर्मियों और उनके परिवार की समस्याएं सुनेंगे। कोरोना के बाद गाड़ियों की आवाजाही बंद होने के कारण पुलिसकर्मी या परिजन पीएचक्यू नहीं पहुंच पा रहे हैं, इसलिए यह सुविधा शुरू की जा रही है। 15 अगस्त से डीजीपी अवस्थी को 9479194990 मोबाइल नंबर पर वाट्सएप से शिकायतें भेज सकेंगे। इसके बाद डीजीपी वीडियो कॉल कर संबंधित पुलिसकर्मी या उनके परिवार के सदस्य से बात करेंगे।
काेरोना की वजह से ट्रेन व बसें बंद हैं। इस वजह से पुलिसकर्मी या उनका परिवार अपनी शिकायतें लेकर डीजीपी अवस्थी के पास नहीं पहुंच पा रहा है। सामान्य दिनों में भी दूरदराज के थानों या सशस्त्र बल की कंपनियों में पदस्थ जवानों या उनके परिवार के सदस्यों को पुलिस मुख्यालय पहुंचने में दिक्कत होती है। इस वजह से डीजीपी ने एक मोबाइल नंबर जारी किया है, जिसमें वे वीडियो कॉल के जरिए संबंधित लोगों की शिकायतें सुन सकेंगे। इसके लिए एक सेल बनाया गया है। पुलिसकर्मी या उनके परिजन पहले मोबाइल नंबर पर अपनी शिकायत वाट्सएप करेंगे। सेल के कर्मचारी इस शिकायत को नोट करेंगे। उससे संबंधित जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद डीजीपी बात करेंगे।
संबंधित शिकायतकर्ता को फोन पर पहले से बताएंगे कि डीजीपी किस समय वीडियो कॉल करेंगे। इस तरह डीजीपी शिकायत सुनेंगे और तत्काल उस पर कार्यवाही करेंगे।
75 हजार से ज्यादा कर्मी व परिवार को फायदा
छत्तीसगढ़ में 75 हजार से ज्यादा पुलिस बल है। 467 थाने, 115 चौकियां और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 22 बटालियन हैं। इसमें तैनात एएसपी से लेकर सिपाही व जवान और उनके परिवार के सदस्यों को इस पहल से लाभ मिलेगा। डीजीपी की निगरानी में आने के बाद किसी भी मामले में त्वरित कार्यवाही हो सकेगी। बता दें कि जो परिवार तकनीकी के जानकार नहीं हैं, उनके लिए पुलिस परिवार कल्याण सेल का भी गठन किया गया है, जिसमें फोन कर अपनी समस्या या शिकायत बता सकते हैं। आईपीएस को इस सेल का इंचार्ज बनाया गया है। इसी तरह जल्द ही स्पंदन मोबाइल एप्लीकेशन भी शुरू हो जाएगा, जिसमें छुट्टी व शिकायत कर सकेंगे।
डीजीपी की एसपी को दो टूक- बेसिक पुलिसिंग करें, कमजाेर थानेदार हटाएं
डीजीपी अवस्थी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेेंसिंग के जरिए सभी एसपी से बात की। उन्होंने कहा कि एसपी बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान दें। थानों की जांच करें। थानेदार यदि अपराध नहीं रोक पा रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें। पुलिस के खिलाफ यदि कोई शिकायत है तो उसे गंभीरता से लें और तत्काल जांच कर कार्रवाई करें। लोग जो भी शिकायतें लेकर आते हैं, उसमें जांच होनी चाहिए। इसके लिए एसपी थानों का निरीक्षण करें। हर थाने में जाकर केस डायरी देखें। वहां के अपराधों की समीक्षा करें। थानों के नियमित निरीक्षण से ही कार्यशैली में सुधार होगा। जो भी थाना प्रभारी आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। डीजीपी ने एसपी के साथ सभी आईजी को भी घटनाओं की लगातार समीक्षा करने कहा है।
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