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गिनती के लोगों ने मिलकर लूटी दही, ताकि न टूटे परंपरा

बुधवार की मध्यरात्रि मठ-मंदिरों से लेकर घरों तक भगवान कृष्ण के जन्म की खुशियां बिखरीं। पूरी रात भजन-कीर्तन का दौर चला तो अगले दिन यानी गुरुवार को भी लोगों ने कृष्णजी की पूजा की। कोविड-19 के संक्रमण के चलते इस बार दही लूट का भव्य कार्यक्रम कहीं नहीं हुआ। परंपरा न टूटे इसलिए गली-मोहल्लों में दही लूट के छोटे कार्यक्रम जरूर हुए जिसमें गिनती के लोग शामिल हुए। ऑनलाइन कंपीटिशन भी हुए जिनमें बच्चों ने राधा-कृष्ण की पोशाक पहन हिस्सा लिया। जानिए कहां क्या रहा खास...

दूधाधारी मठ - भगवान बालाजी का स्वर्ण शृंगार किया, 2 दिन और मनाएंगे जन्माष्टमी
दूधाधारी मठ में बुधवार से शुरू हुआ कृष्ण जन्मोत्सव शनिवार को खत्म होगा। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत डॉ. रामसुंदर दास ने बताया, मठ में हर साल 4 दिन जन्माष्टमी मनाने की परंपरा है। इस मौके पर भगवान बालाजी का स्वर्ण शृंगार किया गया है जो शनिवार रात 9 बजे उत्सव समापन के साथ उतार दिया जाएगा। महामारी को देखते हुए शासकीय नियमों का पालन करते हुए उत्सव मनाया जा रहा है।

साहू समाज - मां कर्मा के साथ नजर आए बाल गोपाल
शहर जिला साहू संघ ने गुरुवार को मां कर्मा धाम में जन्माष्टमी मनाई। इस दौरान बाल कृष्ण समाज की कुलदेवी मां कर्मा के साथ नजर आए। समाज ने इस दौरान श्रीकृष्ण की पूजा कर देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में समाज के कार्यवाहक अध्यक्ष नारायण साहू, योगीराज साहू, परमेश्वर साहू, विष्णु साहू मौजूद रहे।



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Count people looted yogurt, so that tradition does not break


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