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तकनीकी विवि से एफिलिएशन लिस्ट जारी नहीं, इंजीनियरिंग के एडमिशन में होगी देरी

राज्य के इंजीनियरिंग काॅलेजों में इस साल प्रवेश के लिए एंट्रेंस नहीं होगा। मेरिट के आधार पर प्रवेश होगा। इसकी घोषणा कुछ दिन पहले हुई। लेकिन अब प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने में नया अड़चन आया है। वह है, तकनीकी विश्वविद्यालय से एफिलिएशन (संबद्धता) लिस्ट जारी न करना। विवि ने अब तक नहीं बताया कि इस साल कितने इंजीनियरिंग काॅलेजों को संबद्धता दी गई। कितनी सीटों पर प्रवेश होगा। इससे अब इंजीनियरिंग के प्रवेश में देरी होने की संभावना है।
शिक्षाविदों ने बताया कि तकनीकी कोर्स से जुड़े राज्य के विभिन्न संस्थान जहां इंजीनियरिंग, पाॅलिटेक्निक, फार्मेसी समेत अन्य की पढ़ाई होती है। इन काॅलेजों को हर साल तकनीकी विवि भिलाई से संबद्धता मिलती है। इसके आधार पर ही इन संस्थानों की सीटें तय होती है। फिर तकनीकी शिक्षा संचालनालय के माध्यम प्रवेश होता है। तकनीकी विवि से इस साल की संबद्धता सूची ही जारी नहीं हुई। इस संबंध में तकनीकी विवि के अफसरों ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से तकनीकी दिक्कतें आयी। काॅलेजों ने भी देर से आवेदन जमा किया। अब लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। 15 अगस्त से पहले लिस्ट जारी हो जाएगी। गौरतलब है कि संबद्धता सूची जारी होने के बाद इंजीनियरिंग समेत अन्य तकनीकी कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए नए सिरे से आवेदन मंगाए जा सकते हैं।

इंजीनियरिंग की सीटें कम हो सकती हैं
राज्य में पिछले साल 38 इंजीनियरिंग काॅलेजों में करीब साढ़े 15 हजार सीटें थी। इसमें से 33 निजी काॅलेज हैं। इस बार कुछ सीटें कम हो सकती है। वह इसलिए क्योंकि कुछ इंजीनियरिंग संस्थानों ने तकनीकी विवि को क्लोजर रिपोर्ट दी है। सू़त्रों के मुताबिक कुछ इंजीनियरिंग काॅलेज इस साल बंद हो सकते हैं। इसकी सूची जल्द विश्वविद्यालय से जारी होगी।

सरकारी काॅलेज पहली पसंद
राज्य में तीन शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज हैं। रायपुर, बिलासपुर व जगलदपुर। इन संस्थानों में प्रवेश के लिए हर साल मारामारी रहती है। यहां 852 सीटें हैं। पिछली बार करीब 90 प्रतिशत से अधिक सीटों पर प्रवेश हुआ था। इस बार भी सरकारी इंजीनियरिंग काॅलेज ही छात्रों की पहली पसंद है।

इस बार इंजीनियरिंग की डिमांड रहेगी
इंजीनियरिंग काॅलेजों की सीटें पिछले कुछ सालों में खाली-खाली रही। लेकिन इस साल बड़ी संख्या में निजी संस्थानों में भी प्रवेश होने की उम्मीद है। क्योंकि, मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश होगा। बीई व बीटेक में प्रवेश के लिए न्यूनतम अर्हता कक्षा बारहवीं है इसलिए बारहवीं में मिले नंबरों से मेरिट तैयार होगी। इसलिए बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछली बार प्री इंजीनियरिंग टेस्ट के लिए व्यापमं 25 हजार आवेदन मिले थे।



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प्रतीकात्मक फोटो।


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