गोठान बनाने का प्रस्ताव देने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ते देख एसडीएम ने पांच ग्राम पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान पाया कि डेढ़ माह पहले पंचायतों से प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को दे दिया गया था। इसके बाद भी एक गांव में पंचायत और 4 गांवों में वन विभाग हस्तक्षेप कर रहा है।
इस कारण अब वन विकास निगम डिपार्टमेंट गोठान का निर्माण कराएगा। फिलहाल गोठान नहीं बनने से पशुपालकों को गोधन न्याय योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में गोठान का निर्माण किया जाना है। इसको लेकर पंचायतों में आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। लखनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पोतका को आदर्श ग्राम पंचायत चयन होने के बाद पिछले साल मई महीने में ब्लॉक स्तरीय शिविर आयोजन कर गोठान निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। उस दौरान ग्राम पंचायत लैंगा, खुटिया, निम्हा और मुटकी में भी गोठान निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। इनमें निम्हा को छोड़कर चारों पंचायतों में वन विकास निगम की जमीन होने के कारण कार्य प्रारंभ होने पर विभागीय अधिकारियों ने काम रुकवा दिया था। इसके बाद से गोठान निर्माण का काम ठप पड़ा हुआ है। लंबे समय से काम रुके होने के कारण कलेक्टर के आदेश पर ग्राम पंचायत ने डेढ़ माह पहले काम शुरू करने के लिए वन विकास निगम डिपार्टमेंट को प्रस्ताव सौंपा गया। इसके बाद भी काम में प्रगति नहीं होते देख एसडीएम प्रदीप साहू ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान निम्हा गांव में गोठान स्थल राजस्व विभाग का होने के कारण निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत ही रहेगी। बाकी चारों पंचायतों में वन विकास निगम की जमीन होने के कारण विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षण के दौरान पांचों पंचायत के सरपंच को काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया है।
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