कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब तक यात्री परिवहन को लेकर कोई भी कोशिश नहीं हो रही थी। हालांकि बुधवार की देर शाम परिवहन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आदेश जारी करते हुए यात्री बसों के अंतरराज्यीय संचालन के लिए गाइडलाइन तय कर दी है, लेकिन राज्य के अंदर बसों को चलाने को लेकर सरकार अब तक कोई फैसला नहीं ले पाई है।
इन हालातों में रायपुर सहित दूसरे शहरों में जाने वालों को निजी गाड़ी की व्यवस्था करने में हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इधर बस ऑपरेटर्स का कहना है कि आदेश मिलेंगे तो वे बस जरूर चलाएंगे। इसके अलावा न तो रेलसेवा और न ही हवाई सेवा ही शुरू की जा सकी है।
जानिए, परिवहन आयुक्त ने क्या कहा है जारी आदेश में
यात्री बसों के संचालन के लिए तय की गई गाइडलाइन के मुताबिक यात्रा के दौरान बस के ड्राइवर, कंडक्टर और यात्रियों को मास्क पहनना जरूरी होगा। इसके साथ ही हर बार बसों के आने और जाने के बाद सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव कर उन्हें सैनिटाइज करना होगा। यात्रा के दौरान न तो ड्राइवर-कंडक्टर और न ही यात्रियों द्वारा धुम्रपान किया जा सकेगा अौर न ही पान-गुटखा, खैनी खाकर थूक सकेंगे। इसमें सबसे अहम इस बात को शामिल किया गया है कि रूट पर चलने वाली बसों के ड्राइवर-कंडक्टर का रिकॉर्ड बस मालिक को रखना होगा। वहीं यात्रियों की नामजद सूची के साथ ही वे कहां चढ़े और कहां उतरे, इसका ब्यौरा भी रखना होगा, जिससे कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जा सके। इसके अलावा चालक के केबिन को अलग रखने कहा गया है, जहां किसी भी तरह से यात्रियों का दखल नहीं होना चाहिए।
कम यात्रियों को लेकर जाने से लेना पड़ेगा ज्यादा किराया
बस्तर जिला बस ओनर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आनंद मिश्रा ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बस संचालन काफी मुश्किल होगा। अगर यात्री मिलेंगे तो निश्चित रूप से रूट पर बस चलाएंगे। जहां तक सोशल डिस्टेंसिंग का मामला है, यात्रियों से ज्यादा किराया लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन जारी की गई है तो बसों का संचालन करेंगे, लेकिन इसमें हमें भी नुकसान न हो, इसका ध्यान भी यात्रियों को रखना पड़ेगा।
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