पिपरिया स्थित अटल आवास के तकरीबन 200 घरों में जिस टंकी से पीने का पानी सप्लाई होता है, उसमें ढक्कन नहीं लगा है। पाइप पर चीटियां झूम रही हैं। रहवासियों के मुताबिक बारिश होने पर आसपास के गड्ढे का पानी सीपेज के जरिए टंकी में जाता है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यवाह मनोहर चंदेल ने बताया कि इस पानी में नहाने से खुजली होती है। कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
रहवासियों ने बताया कि पानी का बिल पहले 100 रुपए लेते थे अब बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है, लेकिन शुद्धिकरण की गारंटी नहीं ली। जिम्मेदार सब इंजीनियरों से शिकायत करो तो उन्हें फर्क नहीं पड़ता। कहते हैं कि राजनांदगांव जाकर बड़े अफसरों को बताओ।
खुद पंप हाउस की देखरेख करने वाले राजकुमार देवांगन ने बताया कि छह माह में एक बार टंकी की सफाई होती है। अगले महीने इसकी सफाई होगी। प्रेमलता भारती और नीलू चंदेल का कहना है कि महीनों हो गए नाली साफ किए। हर गली की नाली जाम है। चेंबर के ढक्कन खराब हो चुके हैं। बदबू के चलते जीना दूभर हो गया है।
कुछ दिन ठीक रहा फिर वही समस्या: रहवासियों ने बताया कि इससे पहले एसडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी से शिकायत की गई थी। उन्होंने जिम्मेदार अफसरों की क्लास ली थी। कुछ दिनों तक सबकुछ ठीकठाक चला। इसके बाद जिम्मेदारों ने फिर से पुराना ढर्रा अपना लिया।
हो जाएगी टंकी की सफाई
इस बारे में सब इंजीनियर दिनेश सुधाकर ने बताया कि वे होम क्वारेंटाइन में हैं। उन्होंने बताया कि बारिश दो दिनों से बारिश हुई है, उसी का सीपेज होगा। टंकी की सफाई नियमित होती है। तुलेश्वर भांडेकर ने बताया कि पाइप लॉकडाउन के पहले से रोड की लाइटें बंद हैं। मैडम से बात हुई है, एकाध सप्ताह में खंभों में एलईडी लगा दी जाएगी।
सड़कों पर रहता है अंधेरा
रहवासियों ने बताया कि बिजली के खंभे तो हैं, लेकिन उनमें बल्ब या एलईडी नहीं है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अफसर सीधे मुंह बात नहीं करते।
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