जिले सहित परलकोट में निजी दुकानों में 266 रुपए कीमत वाला यूरिया 400 रुपए तब बेचा जा रहा था। किसानों की शिकायत के बाद विभाग ने परलकोट में दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की तो व्यापारियों ने यूरिया लाना ही बंद कर दिया। यूरिया नहीं मिलने से किसान बेहद परेशान हो रहे हैं। इधर व्यापारियों का कहना है उन्हें रायपुर से ही डीलर 266 रुपए प्रतिबोरी वाली यूरिया 310 रुपए में देते हैं। वहां से परिवहन शुल्क तथा थोड़ा मुनाफा जोड़कर वे 370 से 400 रुपए तक बेचते हंै। शासन को चाहिए हमें डीलरों से सही कीमत में यूरिया दिलाएं तभी शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर वे यूरिया किसानों को बेच पाएंगे।
वर्तमान में खेतों में धान फसल की ग्रोथ बढ़ाने यूरिया डालने सबसे आदर्श समय है। खेतों में डालने किसान यूरिया लेने दुकानों में पहुंचे तो उन्हें 266 रुपए प्रतिबोरी वाला यूरिया 400 रुपए तक मिल रहा था। विरोध करने पर दुकानदार यूरिया देते तक नहीं थे। परेशान होकर किसानों ने शिकायत की तो कृषि विभाग ने छापामार कार्रवाई की तो दो दुकानों में यूरिया निर्धारित से अधिक कीमत 370 तथा 390 रुपए में बेचते रंगे हाथों पकड़ा। इस कार्रवाई की भनक लगते ही बाकी दुकानदार दुकानों में ताला लगा गायब हो गए थे। अगले दिन व्यापारियों ने दुकानें खोली जरूर लेकिन यूरिया का नया स्टाक मंगाया ही नहीं। खाद बेचने वाले व्यापारियों का कहना है रायपुर से डीलर ही उनसे 266 रुपए प्रतिबोरी वाली खाद का 310 रुपए वसूलते हैं। रायपुर से पखांजूर तक लाने में प्रतिबोरी 30 से 40 रुपए शुल्क लग जाता है। 20 से 30 रुपए प्रतिबोरी मुनाफा लेकर वे किसानों को बेचते हैं। शासन ने यूरिया का मूल्य तो निर्धारित कर दिया है लेकिन मुनाफाखोरी हमारे स्तर से नहीं कंपनी तथा बड़े डीलरों के स्तर से ही होती है। व्यापारियों द्वारा यूरिया का स्टाक नहीं मंगाने से किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रहा है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शीघ्र ही इसका कोई समाधान नहीं निकला तो किसान सड़क पर उतर सकते हैं। किसान विधान राय, विकास मंडल, विनय राय आदि ने कहा कापसी में यूरिया नहीं मिलने से वे पखांजूर पहुंचे लेकिन यहां भी दुकानों में यूरिया नहीं है।
लेप्स में ऋणी किसानों को मिलता है यूरिया
लेप्स में सही कीमत में यूरिया मिलता है लेकिन लैंप्स में केवल उन्हीं किसानों को यूरिया मिलता है जिन्होंने खेती के लिए लैंप्साें से लोन लिया है। लैंप्स में यूरिया सही कीमत में मिल रहा है। लैंप्स के अलावा अन्य बैंकों से लोन लेने वाले या बिना लोन खेती करने वाले किसानों को यूरिया निजी दुकानों से ही लेना पड़ता है जहां उन्हें निर्धारित से अधिक कीमत में लेना पड़ता है।
लेप्सों में नगद खाद बेचने पर शासन स्तर से प्रतिबंध
कृषि विभाग के सहायक संचालक सूरज पंसारी ने कहा लैंप्साें में नगद खाद बेचने पर शासन स्तर से ही प्रतिबंध है। वस्तुस्थिति से विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। इस संबंध में निर्णय शासन स्तर से ही होगा।
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