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मेकॉज में डायलिसिस के बाद मरीज मिला कोरोना पॉजिटिव, पूरी यूनिट और मेल मेडिकल वार्ड सील

मेडिकल कॉलेज के नान कोविड हॉस्पिटल में लापरवाहियों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी यहां मेल मेडिसिन वार्ड और डायलसिस यूनिट को सील करना पड़ा गया। दरअसल, मेकॉज में बीजापुर से किडनी का मरीज डायलसिस के लिए पहुंचा था। डायलिसिस से पहले उसका कोरोना टेस्ट करवाया गया और रिपोर्ट आने से पहले उसका डायलिसिस किया गया। डायलिसिस के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद फिर मेकॉज में हडकंप मच गया। आनन-फानन में दोनों डायलिसिस यूनिट और मेडिसिन वार्ड को सील कर यहां सैनिटाइजेशन शुरू कर किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस मरीज के संपर्क में एक दर्जन से ज्यादा मेडिकल स्टाफ आए हैं। उन सभी का भी कोविड टेस्ट करवाया जा रहा है। इसके अलावा अब पूरी डायलिसिस मशीन को सैनिटाइज करना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में कितने दिन लगेंगे ये अभी डाॅक्टर भी नहीं बता रहे हैं। इधर सोमवार देर रात तक मेकॉज के रेसीडेंटल कॉलोनी का सैनिटाइजेशन किया गया है। बताया जा रहा है कि रात दो बजे तक डाॅक्टर और अफसर यहां सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी करवाने में लगे हुए थे। गौरतलब है कि अभी तक मेडिकल कॉलेज में 18 से ज्यादा कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें डॉक्टर, स्टाफ नर्स, साइंटिस्ट, लैब टेक्निशियन, वार्ड आया समेत अन्य शामिल हैं। इससे पहले मेकॉज के सर्जरी, मेडिसिन वार्ड में कोरोना संदिग्धों को भर्ती कर दिया गया था बाद में वे कोरोना पॉजिटिव निकले और इनके संपर्क में आने से यहां के स्टाफ कोरोना पॉजिटिव हो गए थे।

सिटी कोतवाली को पहले कंटेनमेंट जोन बनाया फिर अचानक खोल दिया
इधर सिटी कोतवाली के एक स्टाफ के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने इसे कंटेनमेंट जोन घोषित किया था। थाने को कंटेनमेंट जोन में शामिल करने कलेक्टर के हस्ताक्षरयुक्त आदेश 2 अगस्त को जारी किए गए थे। इसके बाद 4 अगस्त मंगलवार को अचानक ही कोतवाली परिसर को खोल दिया गया और यहां स्टाफ ड्यूटी पर आने लगे। अचानक ही थाना खुलने के बाद शहर में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया आई है। लोगों का कहना है कि शहर से लेकर गांव तक कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन में रखा गया है। सभी जगह 14 दिनों तक आवाजाही पर रोक लगाई गई है और लोगाें को राशन लेने तक के लिए बाहर नहीं आने दिया जा रहा है। इस बीच कोतवाली जैसे स्थान को दो दिनों में ही खोल देना समझ से परे है। शहर के सुभाष, ताहिर, शैलेंद्र आदि का कहना था कि अफसरों को बताना चाहिए कि कोतवाली में जो संक्रमण फैला और शहर के बाकी हिस्सों में जो कोरोना संक्रमण फैला वह अलग-अलग है या एक ही है।

कोविड हॉस्पिटल का एक भी कर्मचारी पॉजिटिव नहीं
इधर मेकॉज के कोविड हॉस्पिटल में काम करने वाला एक भी कर्मचारी कोरोना की चपेट में नहीं आया है। बताया जा रहा है कि कोविड हॉस्पिटल में ऐसी व्यवस्था की गई है। जिससे डाॅक्टर समेत सभी स्टाफ सुरक्षित हैं लेकिन यहां नान कोविड हॉस्पिटल में काम करने वाले कर्मचारी लगातार कोविड पॉजिटिव निकल रहे हैं। इसके पीछे की बड़ी वजह यह है कि कोरोना को निचले स्तर के स्टाफ तो गंभीरता से ले रहे हैं लेकिन बड़े अफसर गंभीर नहीं हो पाए हैं।

सेल्फ क्वारेंटाइन से लौटे कलेक्टर एसपी, बैठक लेकर दिए निर्देश
इधर राजस्व विभाग के एक अफसर के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद सेल्फ क्वारेंटाइन में गए कलेक्टर रजत बंसल, एसपी दीपक झा व अन्य अफसर अब क्वारेंटाइन से बाहर आ गए हैं। मंगलवार को अफसर जिलास्तरीय कोरोना समिति की बैठक में भी शामिल हुए। इस बैठक में कलेक्टर और एसपी ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति दूसरे राज्य, रेड जोन वाले जिलों से आता है और इसकी जानकारी नहीं देता है तो उस पर एफआईआर दर्ज की जाए।



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Patient found corona positive after dialysis in Mekauz, whole unit and mail medical ward seal


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