आरक्षक व सब इंस्पेक्टर बनाने का दावा करने वाले फर्जी आईबी अफसर को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ठगी के दोनों आरोपियों को एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। स्वयं को खुफिया विभाग का अफसर बताने वाले आरोपी को इसकी भी भनक नहीं लगी कि उसके खिलाफ कांकेर थाना में मामला दर्ज हो गया है और उसे गिरफ्तार करने पुलिस तलाश रही है। जब उसके एक रिश्तेदार के घर फर्जी आईबी अधिकारी को पकडऩे पुलिस पहुंची तो उसे देख वह सकते में आ गया।
शुक्रवार 7 अगस्त को चारामा के गांव करिहा निवासी युवती नीरा सिन्हा ने पुलिस में फर्जी आईबी अफसर दिपेंद्र नाग निवासी फरसगांव तथा रिश्ते के जीजा शिवेंद्र जैन निवासी सरोना के खिलाफ नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने का मामला दर्ज कराया था। दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के साथ ही पुलिस इनकी तलाश में लग गई थी। रात में ही पुलिस की दो टीम सरोना व फरसगांव के लिए रवाना हुई। सुबह दोनों के ठिकानों में एक साथ दबिश दी। दोनों अपने घरों में नहीं मिले। फर्जी आईबी अफसर को इसकी खबर नहीं थी कि उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई है और पुलिस उसे तलाश कर रही है। पुलिस फरसगांव पहुंची तो परिवार के लोगों ने बताया वह काम से भानुप्रतापपुर गया है जहां अपने एक रिश्तेदार के घर रूका हुआ है। इसके बाद कांकेर पुलिस ने भानुप्रतापपुर पुलिस की मदद से उक्त रिश्तेदार के घर दबिश दी। यहां फर्जी आईबी अफसर मिल गया। वह पुलिस को देखते ही चौंक गया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूला कर लिया।
इधर शिवेंद्र जैन को पुलिस में शिकायत होने की भनक लग गई थी। वह सरोना से भाग गया था। जानकारी मिली की वह धमतरी गया है। पुलिस टीम वहां गई। तब तक वह फिर कांकेर शहर आ गया जहां से पुलिस ने उसे दोपहर में गिरफ्तार कर लिया। विदित हो युवती नीरा सिन्हा पिता रामकुमार सिन्हा ने शिकायत करते बताया था 2018 में नौकरी लगाने के नाम पर दोनों ने 4.50 लाख रुपए लिए थे। दिपेंद्र ने स्वयं को खुफिया विभाग का अफसर बताया था। भाई की नौकरी तो नहीं लगा पाए और दी गई रकम भी वापस नहीं किए। जिसके बाद इसकी शिकायत की गई थी।
फरसगांव, सरोना औरडौंडी से वसूले 19 लाख
फर्जी आईबी अधिकारी दिपेंद्र नाग व शिवेंद्र जैन पुलिस विभाग में नौकरी लगाने के नाम से कांकेर के अलावा कई जगहों से इसी तरह ठगी की है। अबतक की जानकारी यह सामने आया है कि फरसगांव, सरोना व डौंडी से अलग अलग लोगों से कुल 18.50 लाख रुपए नौकरी लगाने लगाने के नाम पर वसूले हैं। उन क्षेत्रों में इनके खिलाफ शिकायत की जा रही है।
खंगाला जा रहा दोनों का रिकाॅर्ड: टीआई
कोतवाली टीआई मोरध्वज देशमुख ने बताया ठगी के दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। दोनों ने और जगह भी ठगी की है। दोनों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
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