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कोरोना संक्रमित गर्भवती की दर्द से स्थिति थी गंभीर, सामान्य प्रसव नहीं था संभव, डाॅक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई मां व नवजात की जान

मेडिकल काॅलेज अस्पताल में बुधवार को डाॅक्टरों ने प्रसव पीड़ा से गंभीर कोरोना संक्रमित एक गर्भवती महिला व उसके नवजात शिशु की जान बचा ली।
बलरामपुर जिले से रेफर होकर बुधवार की देर शाम को आई इस गर्भवती महिला की हालत गंभीर थी। वह दर्द से परेशान थी, लेकिन गर्भाशय कमजोर होने से सामान्य प्रसव संभव नहीं था। इमरजेंसी में अस्पताल प्रबंधन ने तैयारी की और ओटी में शिफ्ट कर ऑपरेशन कर उसका प्रसव कराया। महिला ने स्वस्थ्य बच्ची को जन्म दिया है। कोरोना संक्रमित होने से ऑपरेशन के समय शिशु विशेषज्ञ डाॅक्टर भी ओटी में थे। ऑपरेशन के बाद महिला व बच्ची को कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया। सरगुजा का यह पहला केस है और दोनों स्वस्थ्य हैं। डाॅक्टरों के अनुसार पांच दिनों बाद बच्ची का कोविड टेस्ट होगा। ऑपरेशन में डाॅ. तृप्ति, डाॅ. दीपा, शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. केआर टेकाम, डाॅ. रेनू, नर्सिंग स्टाफ एंजेला, आकांक्षा व वार्ड बॉय संतोष कुमार शामिल थे।

पांच दिन बाद बच्ची की करेंगे जांच: कोविड वार्ड के नोडल अधिकारी डाॅ. अनुपम मिंज ने बताया कि मां व बच्ची स्वस्थ्य हैं। दोनों को कोविड वार्ड में सुरक्षित रखा गया है। पांच दिनों बाद बच्ची का कोरोना टेस्ट होगा। अभी वह पूरी तरह स्वस्थ्य है। हमारी टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है। वार्ड में परिवार के एक सदस्य को रहने की अनुमति दी गई है।

पीपीई किट में पैक होकर डाॅक्टरों ने किया ऑपरेट
गाइनिक विभाग के एचओडी डाॅ. जेपी साहू ने बताया कि महिला का पहला बच्चा ऑपरेशन से हुआ है। इससे उसका गर्भाशय कमजोर था। सामान्य प्रसव संभव नहीं था। इसलिए इमरजेंसी में ऑपरेशन की तैयारी की गई। डाॅक्टरों ने पीपीई किट पहनकर ऑपरेशन किया। दूसरे स्टाफ भी पीपीई किट में रहे ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।



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Corona infected pregnant was in severe condition due to pain, normal delivery was not possible, doctors saved the life of mother and newborn by operation


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