राष्ट्रीय खेल दिवस पर शनिवार को हॉकी खिलाड़ियों ने एक दिनी टूर्नामेंट खेलकर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती पर याद किया। इस दौरान लालबाग मैदान में खिलाड़ियों ने 5 ए साइड हॉकी टूर्नामेंट खेला, जिसमें शॉट्स लगाकर उन्होंने इस खेल को जीवित रखने के साथ ही नौनिहालों को इसके प्रति जागरूक करने और उन्हें एक अच्छा खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया।
दरअसल ये हॉकी खिलाड़ी शहर के हॉकी कोच अजीम मोहम्मद के शिष्य हैं। अजीम ने लालबाग मैदान में हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया, जिसमें हर मैच 10 मिनट का रखा। कोरोना महामारी के चलते उन्होंने इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करवाया। टूर्नामेंट में कुल 7 मैच खेले गए। टूर्नामेंट के लिए 4 अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। आपस में हुए मैचों के बाद आखिर में टीम ए और टीम सी फाइनल में पहुंची। टीम ए ने टीम सी को हराते हुए विजेता के खिताब को हासिल किया, जबकि टीम सी उपविजेता रही। इसके बाद विजेता टीम को ट्रॉफी भी कोच अजीम मोहम्मद ने दी।
ओलंपिक संघ ने खिलाड़ी और कोच का किया सम्मान
राष्ट्रीय खेल दिवस पर शनिवार को बस्तर जिला ओलंपिक संघ ने खिलाड़ियों का सम्मान किया। इस दौरान खिलाड़ियों के साथ ही उनकी प्रतिभा निखारने वाले कोच को भी सम्मानित किया गया। इसी क्रम में डिमरापाल आश्रम के संस्थापक पद्मश्री धर्मपाल सेनी का सम्मान संघ के पदाधिकारियों ने किया। इसके अलावा पीटीआई अजय मूर्ति, फुटबॉल के वरिष्ठ खिलाड़ी अरविंद लाल को शॉल-श्रीफल भेंट किया गया। इस दौरान बृजेश सिंह भदौरिया, शक्ति सिंह चौहान, संजय मूर्ति, संग्राम सिंह राणा, संजीव श्रीवास्तव, राजपाल कसेर, बृजेश, प्रकाश झा, सुरेश कश्यप सहित अन्य मौजूद थे।
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