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लघु वनोपज संघ में संविदा नियुक्ति में अनियमितता, वन मंत्री ने लगाई रोक

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में की जा रही संविदा नियुक्ति में अनियमितता उजागर हुई है। लघु वनोपज सहकारी समिति के लाभांश की राशि और आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहण कर्ताओं के लाभांश की राशि से संविदा नियुक्ति वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन देने का प्रावधान किया जा रहा था। संचालक मंडल की बैठक में भी इसका विरोध हुआ था लेकिन अफसर नहीं माने। बाद में वन मंत्री मोहम्मद अकबर के संज्ञान में पूरा मामला आया तो उन्होंने नियम विरूद्ध हो रहे काम पर तत्काल रोक लगाने आदेश दिया। हालांकि, वनोपज संघ के अफसरों ने वन मंत्री को विश्वास में लेने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफल रहे। अंतत: प्रबंध संचालक को 11 अगस्त को संविदा नियुक्ति की समस्त प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। बता दें कि संविदा नियुक्ति प्रक्रिया से पहले वित्त विभाग से मंजूरी लेना जरूरी होता है लेकिन इस मामले में वनोपज संघ ने बिना अनुमति के ही प्रक्रिया शुरू कर दी। संचालक मंडल के विरोध पर अफसरों ने कहा कि वे शासन से अनुमति ले लेंगे।
संचित निधि के ब्याज से वेतन : इन पदों पर संविदा नियुक्ति कर इनको वनोपज संघ के संचित निधि के ब्याज से वेतन देने का प्रावधान किया जा रहा था। यह विषय 22 मई को संघ के संचालक मंडल की बैठक में भी आया था। उस समय इसका जमकर विरोध हुआ था। संविदा नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त होने का लाभ यह है कि लघु वनोपज संघ समिति और आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ताओं की लाभांश राशि, जिसका उपयोग संविदा नियुक्तियों में वेतन के रूप में किया जाना था, उस पर रोक लग गई।
इन पदों पर की जानी थी नियुक्ति : संघ ने 27 मार्च को विभिन्न पदों पर संविदा नियमों के तहत भर्ती के लिए 30 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया था। इसमें लेखा प्रबंधक, सीनियर एक्जीक्यूटिव तकनीकी के पदों पर संविदा नियुक्ति की जा रही थी। इन पदों के लिए विज्ञापन जारी कर विभाग के ही रेंजर और निचले कर्मचारियों से आवेदन मंगाए गए थे।

ओवरलोडिंग पर दो दिनों में 18 लाख की वसूली, अब ब्लैक लिस्ट होंगे वाहन मालिक
छत्तीसगढ़ में अब ओवरलोड वाहन मिलने न सिर्फ वाहन मालिकों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। बीते दो दिनों में चलाए गए जांच अभियान में विभाग ने पौने 19 लाख रुपए का जुर्माना वसूला। इसकी समीक्षा करते हुए परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने विभागीय अधिकारियों और सीमेंट फैक्ट्रियों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में हर महीने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं। अफसरों ने बताया कि दो दिनों तक चलाए अभियान के दौरान रायपुर और बलौदाबाजार की दो सीमेंट फैक्ट्रियों के परिसर में ओव्हर लोडिंग पाए जाने वाले वाहन मालिकों से टैक्स के रूप में 18 लाख 72 हजार रुपए की वसूली की। इनमें अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री रायपुर से 12.67, इमामी सीमेंट फैक्ट्री बलौदाबाजार से 6.2 लाख रूपए की वसूली हुई।



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