छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही स्वास्थकर्मियों (स्वास्थ्य संयोजक) के वेतन विसंगति के मांग को पूर्ण होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सार्थक पहल नहीं होने से स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार पंखाजुर को ज्ञापन सौंपा है। इसमें 1 नवंबर 2004 से बंद की गई पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के लिए बहाल करने की मांग की गई है।
कर्मचारी संघ के ब्लाक अध्यक्ष बीएल कुलदीप, महिला अध्यक्ष लीला पाल, उपाध्यक्ष नेपाल सरकार, धर्मेंद्र हालधर, मनकू राम सलाम, रतन विश्वास, संजय सोरी, भागीरथी यादव, अरुण दुग्गा, निवास अधिकारी, कमला मिस्त्री ने बताया आज वर्तमान समय में वैश्विक महामारी से आम जनता को बचाने के लिए जो कार्य किए जा रहे हैं, वो अत्यंत ही सराहनीय है। महामारी के इस संकट के समय सरकार द्वारा राशन, दवाई एवं दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे है। इस विकट परिस्थिति में जनता के साथ कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा जाना भी नितांत आवश्यक है।
प्रदेश में लगभग दस हजार पांच सौ ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा 20 हजार199 गांव तथा 10 हजार 966 ग्राम पंचायतों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे विकट महामारी के दौर में जहां पूरा देश और प्रदेश डरा हुआ है। वही हम कोरोना से लडऩे गांव, गली एवं घर-घर जाकर शासकीय कार्य का निर्वहन कर रहे हैं। इसको देखते हुए सरकार हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करें और हमारी मांगे पूर्ण करें।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2PYyZxv
via
Comments
Post a Comment