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9वीं-11वीं में इस बार कोई फेल नहीं बोर्ड एग्जाम में बढ़ेंगे तीन लाख छात्र

कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार नौवीं-ग्यारहवीं की परीक्षा नहीं हुई। सभी छात्रों को जनरल प्रमोशन देकर पास किया गया। इसलिए अगले साल की बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इनकी संख्या 3 लाख से ज्यादा बढ़ सकती है। दसवीं बोर्ड में छात्रों की संख्या सबसे अधिक होगी। शिक्षाविदों का कहना है कि पहली से आठवीं तक की पढ़ाई शिक्षा के अधिकार के दायरे में है। इसके तहत छात्र फेल नहीं होते। आठवीं तक छात्रों की संख्या करीब 8 लाख तक रहती है। नौवीं में कमजोर छात्रों को परेशानी होती है। नौवीं से दसवीं पहुंचते-पहुंचते छात्रों की संख्या में भारी कमी आ जाती है। करीब 40 प्रतिशत छात्र नौवीं में फेल होते हैं। इस तरह से दसवीं में छात्रों की संख्या साढ़े चार लाख तक रह जाती है। ग्यारहवीं से बारहवीं के बीच छात्र संख्या में ज्यादा अंतर नहीं रहता। इस बार नौवीं की वार्षिंक परीक्षा नहीं हुई। इसलिए कोई छात्र भी फेल नहीं हुआ।

शिक्षाविदों का कहना है कि छात्र संख्या बढ़ने से अगले साल की परीक्षा के लिए दबाव भी बढ़ेगा। इसके लिए अतिरिक्त परीक्षा केंद्र भी बनाने होंगे।
स्कूल बंद इसलिए खुद करनी होगी बोर्ड की तैयारी : शिक्षाविदों का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से स्कूल बंद हैं। अगस्त में स्कूल नहीं खुलेंगे। सितंबर में भी संभावना कम है। इस तरह से देखा जाए तो आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को अभी से खुद से तैयारी करनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए कक्षाओं के 100 दिन लगने पर भी संशय है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा के लिए पाठयक्रम में कटौती की जानी चाहिए। और इसकी सूचना जल्द ही छात्रों को दी जानी चाहिए। ताकि वे इसके अनुसार तैयारी कर सके।



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