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मध्य प्रदेश के सीधी से 7 हाथियों का दल कोरिया जिले में दाखिल हुआ, मकान तोड़े, फसलें उजाड़ीं

शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले के ब्लाॅक भरतपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत च्यूल में 7 हाथियों का दल मध्यप्रदेश सीधी संजय गांधी नेशनल पार्क से छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास नेशनल पार्क में दाखिल होते हुए और यहां से विचरण करते हुए शनिवार को भरतपुर की ओर चला गया है। खेतों मे पहुंचे हाथियों ने उत्पात मचा फसल को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। हाथियों के दल ने ग्रामीणों के घरों को भी तहत नहस कर दिया है। ग्रामीण अपने धान फसल को बचाने के लिए हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में लगे हैं। वन अधिकारियों को हाथियों की सूचना मिलने के बाद अधिकारी-कर्मचारी हाथियों की निगरानी करने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि कोरिया जिले में हाथियों का दल तीन रास्तों से दाखिल होता है। पहला मध्यप्रदेश के सीधी जिले से दूसरा कोरबा से खड़गवां ब्लाॅक में और सोनहत से बैकुंठपुर ब्लाक में दाखिल होते हैं। अभी मध्यप्रदेश के सीधी जिले से 7 हाथियों का दल दाखिल हुआ है। यहां बता दें कि सात हाथियों में दो बच्चे भी शामिल हैं। गांव में हाथियों के दाखिल होते ही ग्रामीण दहशत में हैं। सबसे अधिक चिंता ग्रामीणों को अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का आंतक दिन में नहीं होता है शाम ढलते ही हाथियों का दल सक्रिय होता है और फिर गांव में घुसकर फसल और घरों को नुकसान पहुंचते हैं।

15 से ज्यादा किसानों की फसलें उजाड़ीं
हाथियों ने 15 से अधिक ग्रामीणों के खेतों में लगी धान, मक्का समेत अन्य फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया है। हाथियों का दल यदि यहां अधिक समय तक रुकता है, तो ग्रामीणों की मुसीबत और बढ़ जाएगी। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस सीजन में हाथियों का यह दल हर साल अपने कॉरीडोर में विचरण करते हुए यहां पहुंचता है। हाथी रात के समय ज्यादा उत्पात मचाते हैं।

समूह बनाकर निगरानी
अपने फसल की सुरक्षा को लेकर परेशान ग्रामीण गांव में समूह बनाकर हाथियों की निगरानी कर रहे है। एक ग्रामीण के घर को भी हाथियों ने तोड़ दिया है। फसल को कितना नुकसान हुआ है। अभी इसका आंकलन वन विभाग के द्वारा नहीं किया गया है लेकिन अफसरों का कहना है कि जल्द ही फसल के नुकसान का आंकलन होगा।

यहां है पर्याप्त भोजन
बैकुंठपुर और खड़गवां में भी हाथियों का दल पहुंच सकता है। यहां बता दें कि जुलाई से दिसम्बर के महीने में हाथियों को कोरिया जिले के जंगल में खाने को पर्याप्त भोजन पानी की उपलब्धता होती है। जिससे वे यहां विचरण करते हुए पहुंचते हैं। हाथी यहां हर साल जुलाई-अगस्त के बीच पहुंच जाते हैं और दिसंबर तक रहते हैं।

इस तरह से आते हैं हाथी
गुरु घासीदास नेशनल पार्क से सोनहत होते हुए हाथियों का दल फुलपुर सलका, मेको, सलवा, सरईगहना की ओर आगे बढ़ते हैं। यहां से कई बार हाथियों का दल चिरमिरी की ओर भी आगे बढ़ते हुए मनेंद्रगढ़ चला जाता है। वहीं कोरबा से कोरिया जिले में आने वाले हाथियों का दल ब्लॉक खड़गवां में दाखिल होकर कोरबा की ओर लौट जाता है।

बड़ा नुकसान नहीं: डीएफओ
मनेंद्रगढ़ डीएफओ विवेकानंद झा ने बताया कि हाथियों का दल गुरु घासीदास नेशनल पार्क से बड़वाही और इसके आसपास के गांव में दाखिल हो विचरण कर रहा है। हाथियों के दल ने अभी तक कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। वनकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। हाथियों के मूवमेंट के साथ ही ग्रामीणों को अलर्ट किया जा रहा है।



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A team of 7 elephants from Sidhi in Madhya Pradesh entered Korea district, broke houses, destroyed crops


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