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कोरोनाकाल में भी बेहतर बिजनेस के कारण बीएसपी सहित सेल के करीब 70 हजार कर्मियों को दिवाली तक मिल सकता है वेज रिवीजन का तोहफा

बीएसपी सहित सेल के करीब 70 हजार अफसर व कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रबंधन दीपावली तक अफसरों व कर्मचारियों के पे रिवीजन का तोहफा देने पर विचार कर रहा है। इस बात के संकेत बीते सप्ताह सेंट्रल मार्केटिंग आर्गेनाइजेशन (सीएमओ) की बैठक में प्रबंधन की ओर से दिया गया। लिहाजा सीएमओ के साथ-साथ सेल प्रबंधन ने बेहतर पे रिवीजन के लिए अगले मार्च तक डिमांड मुताबिक उत्पादन करने और आर्डर को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। भविष्य में स्टील मार्केट के मंदी के चपेट में न आए इस पर प्लान बताया गया है।

प्रॉफिट के बाद थर्ड कंपनी पीआरपी के दायरे में आई
लगातार दो साल तक प्रॉफिट में आने के बाद कंपनी अफसरों के पे रिवीजन को लेकर थर्ड पीआरपी के नियमों के दायरे में आ गई है। बीते तीन का साल का कर पूर्व लाभ करीब 1759 करोड़ है। जिसका 20% करीब 300 करोड़ होता है। जिसे देखते हुए माना जा रहा है कि अफसरों को 15% एमजीबी और 35% पर्क्स मिलना तय है।

अफसरों से अधिक नहीं होगा कर्मियों का वेतन
वेज रिवीजन के लिए डीपीई की गाइड लाइन का पालन करना होगा। वहीं अफोर्डेबलिटी क्लॉज के मुताबिक किसी भी स्थिति में उनका वेतन अफसरों से अधिक नहीं होगा। प्रबंधन 10 साल के लिए वेज रिवीजन का पिछली बार प्रस्ताव दे चुका है। लिहाजा इस बार भी वेज रिवीजन 10 साल के लिए करने का प्रस्ताव दे सकती है।

कर्मियों को संयुक्त रूप से सौंपना होगा डिमांड
सेफी ने अफसरों के एमजीबी और पर्क्स को लेकर डिमांड का ज्ञापन सेल प्रबंधन को सौंप दिया है। कर्मियों की ओर से यूनियनों ने अलग-अलग चार्टर आफ डिमांड सौंपा है लेकिन संयुक्त रूप से डिमांड का ज्ञापन प्रबंधन को सौंपा जाना बाकी है। उसी आधार पर प्रबंधन एनजेसीए की बैठक में अपनी ओर से प्रस्ताव रखेगा।

इस वित्त वर्ष के बेहतर कारोबार से बढ़ी उम्मीद
वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही कोविड-19 के बाद भी कंपनी अच्छा कारोबार किया है। जुलाई में सेल रिकार्ड बनाने में कामयाब रही। इसके बाद प्रबंधन भी वेज रिवीजन को लेकर उत्साहित बताई जा रही है। सेल चेयरमैन पहले ही यूनियन प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द वेज रिवीजन कराने का आश्वासन दे चुके हैं।

43 महीने से नए वेतन का इंतजार

कर्मी 43 महीने से वेज रिवीजन का इंतजार कर रहे हैं। पिछले वेज रिवीजन में पेंडिंग रहा एचआरए की स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है। ऐसे में कर्मी नए वेज रिवीजन में एचआरए को लेकर क्या निर्णय होता है और उसके एरियर्स भुगतान को लेकर प्रबंधन व यूनियनों के बीच किस तरह की सहमति बनती है, उस पर भी नजर लगाए हुए हैं।



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