राजधानी और प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मरीजों की वजह से अब शासन ने अस्पतालों और कोरोना केयर सेंटरों को मिलाकर बिस्तरों की संख्या 29 हजार करने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी प्रदेश में हल्के व बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए 157 कोरोना केयर सेंटर में 18598 बेड है। इसके अलावा, लक्षण वाले मरीजों के लिए 29 कोरोना अस्पतालों में 3384 बेड भी हैं। हेल्थ विभाग की कोशिश कोरोना केयर सेंटरों में बेड की संख्या 25 हजार करने की है। इस तरह, इन सेंटरों में 6402 बेड बढ़ाए जा रहे हैं। केवल राजधानी में ही एक हजार से ज्यादा बेड इसी हफ्ते बढ़ने वाले हैं। दरअसल राजधानी में ही लगातार मरीज बढ़ने के कारण अंबेडकर अस्पताल, एम्स, माना कोविड अस्पताल में बेड पैक होने लगे हैं। अंबेडकर अस्पताल व एम्स में गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जबकि ईएसआई, इनडोर स्टेडियम, आयुर्वेद अस्पताल में बिना लक्षण व हल्के लक्षण वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रदेश में ऐसे मरीजों की संख्या 70 फीसदी से ज्यादा है। यही कारण है कि काेरोना केयर सेंटर में बेड बढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बेड बढ़ने से एम्स, अंबेडकर व माना में मरीजों का दबाव कम होगा। इधर, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भी सोमवार से आरटीपीसीआर जांच की शुरुआत हो गई है। आईसीएमआर ने बिलासपुर, अंबिकापुर व राजनांदगांव में जांच की अनुमति दी है।
प्रदेश में 479 वेंटिलेटर, 445 आईसीयू बेड
प्रदेश में गंभीर मरीजों के लिए 479 वेंटिलेटर के साथ 445 आईसीयू व 296 एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड हैं। 166 क्वारेंटाइन सेंटर्स में भी 4301 बेड हैं। रायपुर व बिलासपुर के कुछ निजी अस्पतालों में इलाज की अनुमति दी गई है। प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 9700 से ज्यादा हो गई है। एक्टिव केस 2800 के अासपास है। जबकि 7000 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं।
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