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पहली बार एक दिन में 500 से ज्यादा मरीज स्वस्थ, अब ई-पास जरूरी नहीं

कोरोना संकट के बीच रविवार को थोड़ी राहत भरी खबर मिली, जब प्रदेश में पहली बार एक ही दिन में 537 मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल और कोविड केयर सेंटर से छुट्टी मिल गई है। इतने मरीजों के स्वस्थ होने से रिकवरी दर में एक प्रतिशत से ज्यादा का सुधार हुआ है। इधर, राजधानी में रविवार रात तक 240 नए केस तथा प्रदेश में 704 मामले सामने अाए हैं। कोरोना के साथ अन्य बीमारियों के चलते 7 मरीजों की मौत भी बीते 24 घंटे में हुई है। वनमंत्री मोहम्मद अकबर के बड़े भाई तीन दिन पहले कोरोना निगेटिव पाए गए थे, लेकिन रविवार को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वहीं राज्य शासन ने कोरोना के कारण शुरू की गई ई-पास की अनिवार्यता अब समाप्त कर दी है। अब देश में कहीं भी आने-जाने के लिए पास की जरूरत नहीं होगी। शेष|पेज 5

10 लाख में साढे़ 16 हजार का टेस्ट | राहत की बात ये है कि प्रदेश में अब प्रति दस लाख आबादी में साढे 16 हजार का टेस्ट हो रहा है।जिनमें केवल 703 ही पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। एक्टिव केस की रफ्तार अब सिमट कर 37 प्रतिशत पर आ गई है।

डाटा एनालिसिस पर फोकस, आगे नई रणनीति पर काम
छत्तीसगढ़ में कोरोना के कारण बढ़ रही मौतों के बीच अब इसके डाटा और वजहों को व्यापक तौर पर एनालाइज करने की तैयारी हो रही है। कोरोना नियंत्रण के मीडिया प्रभारी डॉक्टर सुभाष पांडे के मुताबिक डाटा विश्लेषण के जरिए आने वाले सितंबर के मद्देनजर एक बडा़ एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। मौत के आंकड़े ना बढ़े इसके लिए लगातार कोशिश की जा रही है।

ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी देनी होगी
रविवार को राज्य शासन ने जारी आदेश में कहा गया है कि किसी को भी ई-पास न होने पर रोका न जाए। केवल ट्रैवल हिस्ट्री का रिकाॅर्ड रखने यदि कोई संक्रमित हैं तो इसके नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए कांटेक्ट ट्रेसिंग के तौर पर स्वैच्छिक रूप से ई- पास का उपयोग किया जा सकता है।

। शासन ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय जांच चौकी, आदि पर बिना ई-पास सफर करने वालों से अनुरोध किया गया है वे कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के उद्देश्य से ई-पास के लिए आवेदन करें।

...इधर कोरोना का असर
कांग्रेस ने जेईई-नीट टालने की मांग की, देशभर में छात्रों ने की एक दिन की भूख हड़ताल
नई दिल्ली | काेराेना महामारी के बीच जेईई अाैर नीट टालने की मांग के बीच ही रविवार काे देशभर में छात्राें ने एक दिन की भूख हड़ताल की। सीबीएसई पूरक परीक्षा के साथ यूजीसी-नेट, क्लैट, नीट अाैर जेईई काे टालने की मांग काे लेकर हुई भूख हड़ताल में 4,200 विद्यार्थी शामिल हुए। उन्हाेंने साेशल मीडिया पर अभियान भी छेड़ दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘भारत सरकार िवद्यार्थियाें के मन की बात सुने अाैर काेई सर्वमान्य समाधान निकाले।’ शेष|पेज 5


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने काेराेना संक्रमण नियंत्रित हाेने तक जेईई-नीट टालने की मांग की है।
लाेकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चाैधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी काे चिट्ठी लिखी। चाैधरी ने कहा, “परीक्षार्थी मानसिक दबाव में हैं कि वे परीक्षा में डिस्टेंसिंग कैसे बनाएंगे अाैर संक्रमण से खुद काे कैसे बचाएंगे।’

चौधरी ने कहा कि जब देश में एक दिन में काेराेना के 70,000 केस अा रहे हैं, एेसे में मुझे लगता है कि परीक्षा की तारीख की समीक्षा करना जरूरी है, क्योंकि लगभग 25 लाख छात्र परीक्षा में भाग लेने वाले हैं।’ कपिल सिब्बल ने इस दाैर में परीक्षा कराने काे अन्याय, गरीब विराेधी अाैर सामंती साेच करार िदया। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि विद्यार्थियाें की चिंता काे देखते हुए केंद्र काे निर्णय करना चाहिए। दिल्ली के शिक्षा मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसाेदिया ने शनिवार काे ही केंद्र से जेईई-नीट टालने का अनुराेध किया था।


इससे पहले सुब्रमण्यन स्वामी ने भी परीक्षाएं टालने की मांग की थी अाैर इस दाैर में परीक्षा कराने पर अात्महत्याएं बढ़ने की चेतावनी दी थी। बता दें कि सुप्रीम काेर्ट ने साेमवार काे परीक्षाएं टालने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। जेईई (मेन) एक से 6 सितंबर तक अाैर नीट 13 सितंबर तथा जेईई (एडवांस्ड) 27 सितंबर कराने की घाेषणा की गई है। इससे पहले काेराेना की वजह से अप्रैल में परीक्षाअाें काे टालना पड़ा था।



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For the first time, more than 500 patients are healthy in a day, now e-pass is not necessary


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