Skip to main content

बाड़ी में घुसा तेंदुआ, बाहर लगा था बाजार, 48 घंटे में नहीं कर सके रेस्क्यू, वनकर्मी भी मौके से खिसक गए

दुधावा क्षेत्र के ग्राम धनोरा में पिछले 48 घंटे से तेंदुए का खतरा मंडरा रहा है। बस्ती के बीच मवेशी के तबेला व बाड़ी में घुसे तेंदुए को पकड़ना तो दूर उसे बाहर निकालने तक वनविभाग के पास रेस्क्यू टीम नहीं है। मौके पर सुरक्षा के लिए जो कर्मचारी तैनात थे वे भी दोपहर होते मैदान छोड़ गए। नतीजा खतरों से अनजान ग्रामीण बाड़ी से महज 50 मीटर दूर बाजार लगा
रहे हैं। यहां तेंदुए के हमले का खतरा बना हुआ है। विभाग का दावा है गांव खाली करने मुनादी करा दी गई है जबकि हकीकत में कर्मचारी गांव छोड़ चले गए हैं। शुक्रवार शाम तक तेंदुआ बाहर नहीं निकल पाया था।
12 अगस्त को शाम 7 बजे साल्हेटोला में वृद्ध महिला पर हमला करने व रात 9 बजे धनोरा में दो बछड़ों की जान लेने के बाद से तेंदुआ बाड़ी में छुपा हुआ है। तेंदुए ने निकट के पेेट्रोल पंप में मवेशियों के जमावड़े पर भी हमला किया जिसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। 13 अगस्त की सुबह पशुपालकों ने बछड़ों की लाश देखी तो तेंदुए के हमले की जानकारी हुई। बछड़ों के शव तो हटा लिए गए लेकिन इसी बाड़ी में छुपा तेंदुआ किसी को नहीं दिखा। लोग समझते रहे कि बछड़ों का शिकार कर खाने के बाद तेंदुआ चला गया है।
गुरुवार को जैसे ही शाम हुई, तेंदुआ बाड़ी से दहाड़ने लगा तब फिर से सुरक्षा के नाम बाड़ी के निकट पुलिस व वन विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया गया। रात 2 बजे तेंदुआ एक बार फिर बाहर निकला और बस्ती में घूमने के बाद वापस उसी बाड़ी में घुस गया। कुछ कर्मचारियों ने उसे देखा भी। सुबह वनविभाग की टीम वहां मौजूद रही, गांव वाले भी पहुंच गए लेकिन सुरक्षा के नाम पर न तो सड़क में आवाजाही रोकी गई और न ही आस पास इलाके को खाली कराया गया। दोपहर बाद तेंदुए के बाड़ी में होने के बावजूद कर्मचारी लौट गए। इधर बाड़ी से मात्र 50 मीटर दूर सड़क में दिनभर आवाजाही होती रही और बाजार भी लगा रहा।

महीनेभर से मचा रहा आतंक, 12 अगस्त को 2 बछड़ों का शिकार
दुधावा इलाके में पिछले एक महीने से तेंदुआ घूम-घूमकर आतंक मचा रहा है। कुछ दिन पूर्व तेंदुए ने सारवंडी में घुस दो मवेशियों पर हमला किया था। एक सप्ताह पहले दुधावा बस स्टैंड में ही दो बछड़ों व कई मुर्गों पर हमला किया था। 12 अगस्त की रात भी दो बछड़ों को मारने के बाद एक महिला को घायल कर दिया। इसी रात साल्हेटोला पेट्रोल पंप में भी मवेशियों पर हमला कर दिया।

तेंदुए के डर से बाड़ी में नहीं गया कुत्ता
रात में तेंदुआ नजर आने के बाद सुबह बाड़ी से तेंदुआ की कोई आवाज नहीं आ रही थी। उसके बाड़ी में होने की पुष्टि के लिए रात में एक पालतू कुत्ते को पकड़ बाड़ी के गेट से अंदर भेजने कोशिश की गई लेकिन कुत्ता बाड़ी में घुसा ही नहीं। इसके बाद कुछ कर्मचारी व ग्रामीण डंडे लेकर बाड़ी मेें झाड़ियों को हटाने लगे। इस दौरान फिर तेंदुआ दाहाड़ा तो सभी तलाश छोड़ एक जगह जमा हो गए।
अब जिले में तैयार की जाएगी रेस्क्यू टीम
सीसीएफ एसएसडी बड़गैया ने कहा कि जिले में लगातार भालू तथा तेंदुआ के बस्ती में घुसने की घटनाएं हो रहीं हैं। कांकेर सर्किल के लिए एक रेस्क्यू टीम तैयार की जा रही है। टीम में प्रशिक्षित कर्मचारी होंगे तथा सभी संसाधनों जैसे वाहन, हाईटेक पिंजरा, जाली, सर्च लाइट, रस्से आदि से लैस होंगे। ट्रंकुलाइजर गन भी होगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
The leopard entered the fence, the market was out, could not rescue in 48 hours, the forest workers also missed the opportunity


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3iIIXiJ
via

Comments