सेंट्रल जू अथॉरिटी(सीजेडए)नई दिल्ली ने कानन पेंडारी चिड़ियाघर को मीडियम जू का दर्जा भले ही 25 अगस्त को प्रदान किया परंतु क्षेत्रफल और वन्यप्राणियों की प्रजाति और संख्या के लिहाज से यह कई वर्षों से बड़े चिड़ियाघर की मान्यता के करीब पहुंच चुका है। मीडियम जू के मुताबिक सुविधाएं और ग्रांट सीजेडए से तभी मिलना शुरू होगी, जब कानन पेंडारी में डीएफओ स्तर का अलग वाइल्ड लाइफ डायरेक्टर, एजुकेशन ऑफिसर और बॉयोलॉजिस्ट की नियुक्ति राज्य शासन द्वारा कर ली जाएगी। बता दें कि कानन को मीडियम जू बनाने के लिए साल 2014 से प्रस्ताव भेजा गया था। जू का ले आउट और मास्टर प्लॉन 2019 में ही मंजूर हो चुका है।
बड़े चिड़ियाघर के करीब ऐसे पहुंचा
मिडियम से लॉर्ज यू बनने के लिए सीजेडए ने मापदंड निर्धारित किए हैं। जैसे जू का क्षेत्रफल 50 हेक्टेयर से अधिक होना चाहिए। कानन इसके कई गुना अधिक 114 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसी प्रकार उपलब्ध वन्यप्राणियों की प्रजातियों की संख्या 50 से अधिक होनी, कानन में 65 प्रजातियों के वन्यप्राणी रखे गए हैं। वन्यप्राणियों की संख्या जरूर 750 की तुलना में कानन में अभी 100 कम है। संकटग्रस्त प्रजातियों की संख्या 20 से अधिक होना चाहिए। कानन में संकटापन्न श्रेणी के 23 विभिन्न प्रजातियों के 118 वन्यप्राणी रखे गए हैं। बड़े जू के लिए सैलानियों की संख्या 7.50 लाख होनी चाहिए। कानन पेंडारी में प्रति वर्ष 6 लाख से अधिक वन्यप्राणी पहुंचते हैं।
मीडियम जू यानी ज्यादा फंडिंग, अधिक सहूलियतें
नंदन वन, नया रायपुर और मैत्री बाग भिलाई के बाद कानन छत्तीसगढ़ का तीसरा जू है। क्षेत्रफल और वन्यप्राणियों की संख्या के लिहाज से कानन इनसे आगे है। रायपुर और भिलाई जू का क्षेत्रफल 100 हेक्टेयर से कम है। कानन पेंडारी मीडियम जू के विकास के लिए 400 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। मीडियम जू के हिसाब से सीजेडए और राज्य शासन से विकास कार्यों के लिए ज्यादा फंडिंग होगी। सैलानियों की संख्या का टारगेट बढ़ाने के लिए अधिक सहूलियतों का विकास किया जाएगा। मनोरंजन और खेलकूद के उद्यान का क्षेत्रफल और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। वहीं वन्यप्राणियों के केज के साथ बटर फ्लाई पार्क और पक्षियों का अलग से बाड़ा तैयार किया जाएगा।
स्मृति वाटिका में 3 जगह बनेगी सफारी
कानन पेंडारी के अधीक्षक व्हीके चौरसिया ने बताया कि जू में व्हाइट टाइगर, लायन व बाइसन सफारी का प्रस्ताव है। तीनों सफारी को जू के मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। व्हाइट टाइगर, बाइसन व लायन सफारी स्मृति वाटिका में बनेगी। यह कानन पेंडारी जू के दायरे में रहेगा। दरअसल मास्टर ले आउट प्लान में स्मृति वाटिका का पूरा हिस्सा कानन पेंडारी जू से जुड़ गया है। इसके चलते ही जू का दायरा 114 हेक्टेयर हो गया है। वाटिका को नए मास्टर ले आउट प्लान में भविष्य में जू के विस्तार के लिए आरक्षित रखा गया है। इस जगह का उपयोग कानन जू प्रबंधन सफारी के लिए करेगा।
बायोस्फियर रिजर्व के डायरेक्टर को मिलेगा चार्ज
कानन पेंडारी में डायरेक्टर की कमी पूरी करने के लिए अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व के डायरेक्टर विष्णु को संयुक्त प्रभार देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। पूर्व में वह सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व के प्रभार में थे। वन विभाग के कर्मचारियों को वन्यप्राणियों के आचार, व्यवहार की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि सैलानियों को वह इसकी जानकारी दे सकें। मिडियम जू की अर्हताएं पूर्ण होने के बाद सीजेडए से विकास के लिए अनुदान के साथ समय समय पर मानिटरिंग के लिए टीम दौरा करेगी।
अरुण पांडेय, अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक(वन्यप्राणी)
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