राजधानी में नशीली दवाओं का रैकेट चलाने वाले 3 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने शनिवार को एक एमआर समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के घरों की तलाशी के दौरान 4.66 लाख रुपए की 33 पेटी सिरप जब्त हुई है। सिरप का उपयोग नशे के लिए किया जाता है। आरोपियों के पास दवा की सप्लाई से लेकर ट्रांसपोर्टिंग के भी दस्तावेज नहीं हैं। आरोपियों का लिंक दिल्ली के बड़े दवा कारोबारी से है। इनके 6 साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सीएसपी डीसी पटेल ने बताया कि दुर्ग मुरमुंदा का योगेश देवांगन एमआर है। वह पहले दवा कारोबारी प्रेम झा की कंपनी में काम करता था, जो दिल्ली शिफ्ट हो गया। वह अब दिल्ली से प्रतिबंधित और नशे के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाएं मंगवाकर सप्लाई करता था। उसके साथ मेडिकल कारोबारी अजय चौहान और विष्णु सोनी सहयोग करते थे। तीनों को टैगोर नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया है।
उनकी कार की जांच के दौरान सिरप की पेटियां मिली हैं। अजय तिरुपति फार्मा में भी काम करता था, जिसके डायरेक्टर राजेश अग्रवाल को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दिल्ली से दवा की सप्लाई :
पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि दुर्ग का प्रेम झा दवा का बड़ा कारोबारी है। राज्य में नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई तो वह दिल्ली भाग गया। वहां भी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लगातार ठिकाना बदलता रहता है। उसका करीबी शैलेंद्र तंबोली भी फरार है। पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है।
85 का सिरप 200 में :
पुलिस ने बताया कि तस्कर 85 रुपए के सिरप को 200-300 रुपए में बेच रहे हैं। कई सिरप को बिना पर्ची या डाक्टरी सलाह के बेचा भी नहीं जा सकता। उसे भी खुलेआम बेच रहे हैं। आरोपियों के बस्तियों और कॉलोनियों में एजेंट हैं। कई मेडिकल कारोबारी भी उनके संपर्क में हैं, जिन्हें दवाओं की सप्लाई करते हैं। पुलिस सभी का रिकॉर्ड तैयार कर रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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