जिले में एक बार फिर 12 घंटे के अंदर एक साथ 27 कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ जिले में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 314 पर पहुंच गया। रविवार देर रात को मिले 24 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में 18 बीएसएफ व 3 एसएसबी के जवान और 3 मजदूर वर्ग से हैं। सोमवार सुबह आई तीन की रिपोर्ट में बीएसएफ के दो जवानों के अलावा 1 मजदूर हैं। बताया जा रहा है कि जिले की एक युवती की एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती कैंसर से पीड़ित थी। ज्यादा तबियत बिगड़ने पर उसे एम्स में दाखिल कराया गया था जहां कोरोना टेस्ट में उसे पाॅजिटिव पाया गया था। फिलहाल मौत की वजह कैंसर बताई जा रही है।
रविवार 9 अगस्त की रात जिले के कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की सूची जारी की गई। पहले पाए गए 24 मरीजों मेें अंतागढ़ विकासखंड के पोडगांव बीएसएफ 7, फुलपाड़ कैंप में 4, एसएसबी कैंप कुहचे में 3, कोयलीबेड़ा बीएसएफ कैंप 2, भानुप्रतापपुर बीएसएफ कैंप मुल्ला में 2 जवानों के अलावा अंतागढ़ के ग्राम सरंडी, चारामा के गांव लिलेझर और कांकेर के तेलावट क्वारेंटाइन सेंटर में एक एक मजदूर पाॅजिटिव पाए गए। सोमवार 10 अगस्त सुबह आई रिपोर्ट में अंतागढ़ पोडगांव बीएसएफ कैंप में 2 जवान और भानुप्रतापुर के दाबकट्टा क्वारेंटाइन सेंटर में एक मजदूर को पाॅजिटिव पाया गया। सभी को इलाज के लिए कोविड अस्पताल कांकेर भेजा रहा है। दुर्गूकोंदल की 17 वर्षीय छात्रा को पेटदर्द होने पर 6 अगस्त को रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया था। छात्रा का कोरोना टेस्ट भी कराया गया जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिवार ने उस रिपोर्ट से इंकार करते फिर से टेस्ट की मांग की थी। इलाज के दौरान 9 अगस्त की रात युवती की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार दोबारा टेस्ट में युवती और परिजनों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 10 अगस्त की सुबह युवती का शव दुर्गूकोंदल लाया गया।
18 दिन बाद आई रिपोर्ट
रविवार व सोमवार को जो रिपोर्ट आई है उसमें कोयलीबेड़ा के जवान व दो मजदूरों को छोड़ सभी का सेंपल 22 जुलाई को लिया गया था। रिपोर्ट 18 दिन बाद आई। बताया जा रहा है इसमें से कुछ जवान 14 दिन का समय होने के बाद क्वारेंटाइन सेंटर से बाहर चले गए हैं।
सबसे अधिक 45 मिले थे
जिले में अबतक सबसे अधिक 18 जुलाई को 45 कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए गए थे। इसमें 33 फोर्स के जवानों के अलावा अन्य सभी 12 मजदूर थे। जिले में पहला कोरोना मरीज 21 मार्च को मिला था। शुरुआत में इक्का दुक्का पाॅजिटिव मिलते रहे लेकिन जुलाई से रोजाना बड़ी संख्या में पाॅजिटिव पाए जा रहे हैं।

ड्यूटी भी कर रहे कोरोना पाॅजिटिव जवान
जिन जवानों की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है वे सभी अपने कैंप में क्वारेंटाइन किए गए हैं। इन जवानों को ड्यूटी पर भी लगाया जा रहा है। बीएसएफ कैंप फुलपाड़ के एक जवान ने बताया क्वारेंटाइन के साथ वे ड्यूटी भी कर रहे हैं। हालांकि वे कैंप से बाहर नहीं जाते लेकिन समय देख सभी क्वारेंटाइन जवानों से ड्यूटी ली जाती है। वे अन्य जवानों के संपर्क में नहीं आते तथा भोजन आदि भी अलग दिया जाता है।
फुलपाड़ बीएसएफ कैंप के एएसआई दोबारा मिले पाॅजिटिव
बीएसएफ कैंप फुलपाड़ में पदस्थ बीएसएफ के एएसआई को रविवार को दोबारा पाॅजिटिव पाए गए। एएसआई 13 जून को अपने घर उत्तरप्रदेश से वापस दुर्ग हेडक्वार्टर लौटे थे। जांच में रिपोर्ट पाॅजिटिव आने से 26 जून को दुर्ग के शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर 3 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया गया था। 18 जुलाई तक विज्ञान भवन दुर्ग में क्वारेंटाइन में रहे। कांकेर के अंतागढ़ विकासखंड के फूलपाड़ बीएसएफ कैंप में तैनात कर दिया गया। यहां एक बार फिर 22 जुलाई को सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट 9 अगस्त को फिर पाॅजिटिव आ गई।
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