पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह कोरोना से संक्रमित हो गई है। उन्हें लालपुर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। डाॅ. रमन ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी और आग्रह किया कि जो भी उनके परिवार के संपर्क में हैं, सभी जांच करवाएं और आइसोलेट हो जाएं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अस्पताल के डायरेक्टर डाॅ. संदीप दवे को फोन कर वीणा सिंह का हालचाल पूछा और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इधर, बुधवार को प्रदेश में पहली बार 24 घंटे में कोरोना के 567 नए मरीज मिले हैं। इसमें रायपुर के 182 केस शामिल हैं। वहीं रायपुर में तीन व दुर्ग में दो समेत 5 लोगों की मौत भी हुई है। ज्यादा मरीज मिलने के बाद बैजनाथपारा काे कंटेनमेंट जोन बनाकर एरिया सील कर दिया गया है। यह मेयर एजाज ढेबर का वार्ड है। प्रदेश में मरीजों की संख्या 13554 पहुंच चुकी है। जबकि एक्टिव केस 3935 है। विभिन्न अस्पतालों से 269 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक 9508 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 3.94 लाख सैंपलों की जांच हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार वीणा सिंह पिछले एक हफ्ते के दौरान कई पारिवारिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुई थीं। वे 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन के दौरान वीआईपी तिराहा स्थित राम मंदिर में हुई पूजा-अर्चना में भी शरीक थीं। जिन मरीजों की मौत हुई है, उनमें राजधानी के लालपुर, देवेंद्रनगर व उरला के तीन मरीज शामिल हैं। लालपुर के 65 वर्षीय बुजुर्ग ने देर रात एम्स की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
इसे लेकर विवाद भी है। एम्स प्रबंधन मरीज को मनोरोगी भी बता रहा है, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार किया है। त्रिमूर्तिनगर देवेंद्रनगर में 45 वर्षीय महिला की कोरोना से जान चली गई। सांस में तकलीफ और डायरिया की शिकायत के बाद 11 अगस्त को एम्स ले जाया गया, जहां उसने बीती देर रात दम तोड़ दिया। वहीं उरला के 51 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। दुर्ग के 59 वर्षीय व भिलाई-3 के 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है। इस मौत के साथ ही प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 110 पहुंच गई है, जिसमें रायपुर में सर्वाधिक 50 मौत हुई है।
नए मरीजों में राजनांदगांव से 55, रायगढ़ से 41, दुर्ग से 29, बस्तर से 26, सुकमा से 19, बिलासपुर से 17, नारायणपुर से 14, जशपुर से 13, काेरबा से 11, बलौदाबाजार व सूरजपुर से 10-10, जांजगीर-चांपा से 9, महासमुंद से 6, बालोद व कांकेर से 5-5, धमतरी, बेमेतरा व अन्य राज्य से 3-3, बीजापुर से 2, गरियाबंद, मुंगेली व सरगुजा से एक-एक मरीज मिले हैं।
इस माह अब तक 28 मौतें
रायपुर व प्रदेश में पहली मौत 29 मई को हुई थी। मई में एक, जुलाई में 23 व अगस्त में अभी तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि जून में प्रदेश में एक भी मरीज की जान नहीं गई थी। जिस रफ्तार में मरीज मिल रहे हैं, उसी रफ्तार में मरीजों की मौत भी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह चिंता की बात है। ज्यादा मौतों का कारण देरी से जांच व इलाज है। दरअसल रायपुर समेत प्रदेश में ज्यादातर लोग अब लक्षण रहने के बाद भी स्वाब का सैंपल नहीं दे रहे हैं। इस कारण उनमें वायरल लोड बढ़ रहा है। जब जांच होती है, तब उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। इलाज के कुछ दिनों बाद गंभीर लोगों की मौत हो रही है।
कोरोना काल में भी लोक सेवा गारंटी का शत-प्रतिशत निराकरण
कोरोना संकट के बीच सीएम भूपेश बघेल ने लोगों को समय पर जानकारी तथा पारदर्शी प्रशासन देने के उद्देश्य से लाेक सेवा गारंटी को मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत जुलाई 2020 में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत कुल 685 प्रकरणों सामने आए थे। सभी प्रकरणों का समयसीमा के भीतर निराकरण कर दिया गया।
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