शिक्षा सत्र 2018-19 के दौरान 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिका की जांच में दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव और कवर्धा के 176 शिक्षकों ने त्रुटियां की हैं। इसमें 23 शिक्षकों ने गंभीर गलतियां की हैं।
इसके कारण ज्वाइन डायरेक्टर दुर्ग संभाग प्रकाश कुमार पांडेय ने इनके असंचयी प्रभाव से दो वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही कार्रवाई कर इसकी जानकारी देने के लिए उनके नियोक्ताओं को भी निर्देश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार जिन शिक्षकों की असंचयी प्रभाव से दो वेतनवृद्धि रोकने का आदेश दिया गया है उनकी चेक की हुई कापियों में पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन में 20 से लेकर 50 अंकों तक की वृद्धि हुई है। इसके कारण इसे मूल्यांकन जैसे संवेदनशील कार्य में गंभीर लापरवाही माना गया है। इसी कारण उनके इंक्रीमेंट रोकने का आदेश जारी किया गया है। पिछले साल भी कई शिक्षकों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की थी।
संभाग के इन शिक्षकों की दो वेतन वृद्धि रोकी गई
चुरामन दास मानिकपुरी (साजा), विभीषण राम वर्मा (बोड़ला), दानवीर जोशी (अछोली), सुरवंता तुरकार (डोंगरगढ़), खेमूराम रावटे (गोंडलवाही, छुरिया), चंद्रपाल सिंह साहू (खोलवा, सहसपुर लोहारा), सुरेश कुमार डाहिरे (नेवारी, कवर्धा), सोनी साहू (बेलगांव), राजेश कुमार (मोहला), लीना चंद्राकर (सेलूद), अमित कुमार चतुर्वेदी (मारो), राजीव कुमार सिन्हा (जगतरा), सीमा जायसवाल (डौंडी), श्वेता शर्मा (तेलीगुंडरा, पाटन), राजकुमार पटेल (चारभाठा), ज्योति ठाकुर (बरहापुर), दुर्गा साहू (घुमका), दुर्गेश्वरी सोनी (मोतीपारा, दुर्ग), एसएस जंघेल (भटगांव), रश्मि सत्यार्थी (केसरा), सुरेश कुमार ठाकुर (भटगांव), मंजूलता वर्मा (खुड़मुड़ा) और लुभान धावडे (उरई डबरी) का इंक्रीमेंट रोकने के लिए आदेश हुआ है।
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