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प्रदेश में अब तक 2.14 लाख राशन कार्ड निरस्त, विभाग का दावा- अब नहीं है एक भी फर्जी कार्ड

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि राज्य में अब तक 2 लाख 14 हजार राशनकार्डोँ को निरस्त किया गया। प्रदेश में इस समय 58.56 लाख राशनकार्ड प्रचलित हैं। जिन्हें सार्वभौम पीडीएस का लाभ दिया जा रहा है। राशनकार्डों का नवीनीकरण जुलाई से अक्टूबर 4 महीने की रिकार्ड समय-सीमा में पूर्ण कराया गया है। केवल एक पन्ने के आवेदन पत्र में दी गई जानकारी के आधार पर राशनकार्डों का नवीनीकरण किया गया। अब राशनकार्ड का डेटाबेस त्रुटिरहित हो गया है।
सामान्य राशनकार्डोँ में खाद्यान्न की पात्रता: 1 सदस्यीय परिवार के लिए 10 किलो, 2 सदस्यीय परिवार के लिए 20 किलो, 3 या 3 से अधिक सदस्यीय परिवार के लिए 35 किलो खाद्यान्न 10 रुपए प्रतिकिलो प्रतिमाह निर्धारित की गई है। वर्तमान में 9 लाख 20 हजार सामान्य राशनकार्डधारी परिवारों को खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। वर्ष 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम में सामान्य परिवार हेतु प्रतिमाह 15 किलो चावल की पात्रता रखी गई थी, जिसे अप्रैल 2015 में समाप्त कर दी गई। प्रदेश में कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और ऐसे परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम में आवश्यक प्रावधान किये तथा सार्वभौम पीडीएस के अंतर्गत वर्तमान में राज्य के 9.20 लाख सामान्य परिवारों को प्रतिमाह 10 रुपए किलो में पात्रता अनुसार चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के एपीएल परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत जून, 2020 से 10 रुपए प्रतिकिलो की दर पर 2 किलो नमक प्रति कार्ड प्रतिमाह प्रदाय किया जा रहा है।
राज्य के बस्तर संभाग के निवासियों में आयरन की कमी को दूर करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बस्तर संभाग के 6 लाख अंत्योदय, प्राथमिकता, अन्नपूर्णा, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को जनवरी 2020 से प्रतिमाह रियायती दर 17 रुपए प्रति किलो उपभोक्ता दर पर 02 किलो गुड़ प्रदाय किया जा रहा है। गुड़ का उपार्जन की छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा नेफेड के माध्यम से की जा रही है। राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों एवं माडा क्षेत्र के अंत्योदय एवं प्राथमिकता परिवारों के भोजन में प्रोटीन की कमी पूरा करने के लिए रियायती दर 5 रुपए प्रतिकिलो की दर पर प्रतिमाह 2 किलो चना प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 25 लाख अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी परिवार को लाभान्वित किया जा रहा है।

केंद्र ने बंद किया राज्य ने कल्याणकारी संस्थाओं को दे रहा खाद्यान्न
केंद्र ने छात्रावास एवं कल्याणकारी संस्थाओं के लिए खाद्यान्न का आबंटन बंद कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा 471 संस्थाओं में पंजीकृत 43 हजार 640 हितग्राहियों को राज्य शासन स्वयं के व्यय से चावल आबंटित कर रहा है और इन अनुदान प्राप्त एवं निजी आश्रम-छात्रावास एवं कल्याणकारी संस्थाओं को अक्टूबर 2019 से खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है।



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